नेहा बोरा के 'बांग्लादेश क्रांति' बयान पर भाजपा का पलटवार, सीजेपी की तिरंगा यात्रा को बताया 'राष्ट्रीय ध्वज का अपमान'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 16 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में तीखी प्रतिक्रिया दी — ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि 'बांग्लादेश ने क्रांति का रास्ता दिखाया है।' इसके साथ ही पार्टी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की प्रस्तावित तिरंगा यात्रा को भी निशाने पर लिया। यह विवाद उस समय सामने आया है जब INDIA ब्लॉक, आम आदमी पार्टी (AAP) और CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में सड़कों पर उतरे हुए हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का हमला
भाजपा के तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने बयानों की झड़ी लगाते हुए कहा, 'ये तथाकथित नेता — CJP के लोग, प्रशांत भूषण, ध्रुव राठी और नेहा बोरा — इन सभी के बयान साफ तौर पर भारत-विरोधी हैं। इनका मकसद देश में अराजकता और खून-खराबा फैलाना है।' राव ने आगे कहा कि भले ही ये लोग राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलने की बात करें, 'विरोध-प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल, वह भी किसी नकारात्मक उद्देश्य के लिए, राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है।'
तिरंगे को 'ढाल' बताने पर महासचिव की आपत्ति
भाजपा के प्रदेश महासचिव वीरेंद्र गौड़ ने CJP के एक बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि CJP के अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारियों से तिरंगे में लिपटकर आने को कहा है। गौड़ ने कहा, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस बयान से ऐसा लगता है कि वे तिरंगे को एक ढाल की तरह इस्तेमाल करना चाहते हैं — ठीक वैसे ही जैसे आतंकवादी किसी हमले के दौरान बच्चों और महिलाओं को ढाल बनाते हैं।' उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के लिए तिरंगे का इस्तेमाल 'बहुत गलत संदेश देता है।'
राहुल गांधी पर 'विरोधाभास' का आरोप
भाजपा प्रवक्ता महेश नामानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। नामानी ने कहा, 'एक तरफ वे सर्वोच्च न्यायालय जाकर पीआईएल दायर करते हैं और दूसरी तरफ सर्वोच्च न्यायालय के जजों की नियुक्ति को ही गलत बताते हैं।' उन्होंने जोड़ा कि राहुल गांधी एक ओर ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति को गलत ठहराते हैं, लेकिन दूसरी ओर उन्हीं के कार्यकाल में हुए चुनावों में भाग भी लेते हैं। 'कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में सरकारें ज्ञानेश कुमार के आने के बाद ही बनीं,' — नामानी ने यह भी याद दिलाया।
विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि SIR को लेकर विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम अनुचित तरीके से काटे जा सकते हैं। भाजपा इसे चुनावी प्रक्रिया को शुद्ध करने की कोशिश बताती है। यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव सुधार को लेकर सियासी तापमान पहले से ऊँचा है और विरोध-प्रदर्शनों की एक श्रृंखला जारी है।
आगे क्या
CJP की तिरंगा यात्रा और INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है, जबकि भाजपा भी अपने बयानों की तीव्रता बनाए रखेगी। नेहा बोरा के बयान पर किसी आधिकारिक कार्रवाई की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आगामी राज्य चुनावों तक चर्चा में बना रह सकता है।