100 साल के हुए लेफ्टिनेंट कर्नल रामजीलाल कृष्णिया, सुबह 4:30 बजे उठना और शाकाहार है लंबी उम्र का राज
सारांश
मुख्य बातें
जयपुर में 4 अक्टूबर 2026 को लेफ्टिनेंट कर्नल रामजीलाल कृष्णिया (सेवानिवृत्त) ने अपना 100वाँ जन्मदिन मनाया — और इस शतायु सैन्य अधिकारी की जीवंत सक्रियता ने समारोह में उपस्थित सेना के अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और गणमान्य व्यक्तियों को चकित कर दिया। उन्होंने अपनी दीर्घायु का श्रेय सादे शाकाहारी भोजन, अनुशासित दिनचर्या और नियमित व्यायाम को दिया।
शतायु अधिकारी का अनुशासित दिनचर्या
लेफ्टिनेंट कर्नल कृष्णिया की दिनचर्या सेना की अनुशासन-भावना को आज भी जीवंत रखती है। वह प्रतिदिन सुबह 4:30 बजे उठते हैं, इसके बाद स्नान कर व्यायाम करते हैं। कसरत पूरी होने के बाद नाश्ता करते हैं और हिंदी तथा अंग्रेजी के अखबार पढ़ते हैं — जो उनकी सुबह की दिनचर्या का अभिन्न अंग है।
दोपहर में उनके सहायक के आने के बाद वह लगभग 3 बजे भोजन करते हैं और करीब एक घंटे विश्राम लेते हैं। शाम 5 बजे पुनः उठकर लगभग आधे घंटे व्यायाम करते हैं, फिर बगीचे में टहलने निकलते हैं। वह बगीचे में भ्रमण को भी अपनी नियमित शारीरिक गतिविधि का हिस्सा मानते हैं। रात 9:30 बजे सो जाते हैं और अगली सुबह वही क्रम फिर दोहराता है।
खान-पान में संयम और शाकाहार
लेफ्टिनेंट कर्नल कृष्णिया पूर्णतः शाकाहारी हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वस्थ रहने के लिए कम खाना और नियमित व्यायाम सबसे ज़रूरी है। बाहर के खाने और अधिक मसालेदार भोजन से परहेज करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि चीनी और नमक का सेवन भी सीमित रखना चाहिए। उनका मानना है कि संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या व्यक्ति को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखती है।
समारोह में सेना के अधिकारियों का सम्मान
जयपुर स्थित उनके आवास पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में सेना के कई अधिकारी, पूर्व सैनिक और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने उन्हें शतायु होने पर शुभकामनाएँ दीं और उनके स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन की प्रशंसा की। यह उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि सैन्य बिरादरी में कर्नल कृष्णिया का कितना आदर है।
दूसरों के लिए संदेश
कर्नल कृष्णिया ने कहा कि जो लोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके प्रति उनकी पूरी सहानुभूति है। उनकी इच्छा है कि हर व्यक्ति बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखे, अच्छे कार्य करे और सहयोग की भावना से आगे बढ़े। उन्होंने ईश्वर से सभी के स्वस्थ और सफल जीवन की कामना की।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कर्नल कृष्णिया की जीवनशैली उन वैज्ञानिक सिद्धांतों के अनुरूप है जो दीर्घायु को बढ़ावा देते हैं — नियमित शारीरिक गतिविधि, संयमित आहार, पर्याप्त नींद और मानसिक सक्रियता (जैसे अखबार पढ़ना)। गौरतलब है कि भारत में 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इस उम्र में भी इतनी अनुशासित दिनचर्या बनाए रखना विरल ही होता है। कर्नल कृष्णिया का जीवन इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि सैन्य अनुशासन सेवानिवृत्ति के बाद भी स्वास्थ्य की नींव बना रह सकता है।