6 अक्टूबर 2026
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लखनऊ को AI-डीप टेक हब बनाएंगे CM योगी, HCL IT सिटी फेज-2 की आधारशिला; ₹500 करोड़ निवेश

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लखनऊ को AI-डीप टेक हब बनाएंगे CM योगी, HCL IT सिटी फेज-2 की आधारशिला; ₹500 करोड़ निवेश

सारांश

सीएम योगी ने लखनऊ को AI इनोवेशन सिटी बनाने का संकल्प लिया — 50 वैश्विक स्टार्टअप, ₹500 करोड़ का HCL निवेश और 6,000 नई नौकरियाँ इसकी नींव हैं। IT निर्यात ₹1 लाख करोड़ पार कर चुका है और 2030 तक ₹2.5 लाख करोड़ का लक्ष्य — यह यूपी की टेक महत्वाकांक्षा का सबसे बड़ा दांव है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 6 अक्टूबर 2026 को लखनऊ को AI-डीप टेक हब बनाने का लक्ष्य घोषित किया।
HCL IT सिटी लखनऊ फेज-2 की आधारशिला रखी गई; ₹500 करोड़ निवेश से 6,000 रोज़गार अवसर अपेक्षित।
अगले 5 वर्षों में कम से कम 50 विश्वस्तरीय AI स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य।
यूपी का IT निर्यात ₹1 लाख करोड़ पार; अगले 4 वर्षों में ₹2.5 लाख करोड़ का लक्ष्य।
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात ₹3,800 करोड़ से बढ़कर ₹45,000 करोड़ ; 2030 तक ₹2 लाख करोड़ का लक्ष्य।
HCL TechBee से 2,200+ युवाओं को करियर से जोड़ा; 1,000 छात्रों के लिए AI प्रशिक्षण शुरू।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 अक्टूबर 2026 को लखनऊ को एआई, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी, कंप्यूटिंग और डीप टेक टेक्नोलॉजी का राष्ट्रीय केंद्र बनाने का संकल्प व्यक्त किया। HCL टेक लखनऊ के 10वें स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए उन्होंने घोषणा की कि अगले पाँच वर्षों में लखनऊ को भारत की अग्रणी AI इनोवेशन सिटी के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए कम से कम 50 विश्वस्तरीय AI स्टार्टअप और एक वैश्विक इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा।

HCL IT सिटी फेज-2 की आधारशिला

मुख्यमंत्री योगी ने HCL आईटी सिटी लखनऊ के फेज-2 की आधारशिला रखी और परियोजना मॉडल का उद्घाटन किया। इस दूसरे चरण में करीब ₹500 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उन्होंने इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर का भी शुभारंभ किया, जो छात्रों, शिक्षकों, कार्यरत पेशेवरों और सरकारी अधिकारियों को उभरती तकनीक में प्रशिक्षित करेगा।

वर्तमान में 100 एकड़ के HCL टेक लखनऊ परिसर में 12,520 से अधिक टेक कर्मचारी कार्यरत हैं। TechBee कार्यक्रम के जरिए 2,200 से अधिक युवाओं को इंडस्ट्री-रेडी स्किल और टेक्नोलॉजी करियर से जोड़ा गया है। HCL अब स्थानीय कॉलेजों के 1,000 छात्रों के लिए AI प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू कर रहा है।

निर्यात और IT विकास के आंकड़े

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक दशक पहले आईटी और आईटीईएस के माध्यम से ₹12,000-15,000 करोड़ का निर्यात होता था, जो अब ₹1 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है। अगले चार वर्षों में इसे ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य है। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भी ₹3,800 करोड़ से बढ़कर ₹45,000 करोड़ हो गया है और 2030 तक इसे ₹2 लाख करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि भारत की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 55% है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट में प्रदेश का योगदान 60% है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा में आईटी पार्क पहले से संचालित हैं और सात सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क कार्यरत हैं। वाराणसी, बरेली, कानपुर और गोरखपुर में नए आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। नोएडा और लखनऊ को U-Hub (डीप टेक हब) के रूप में विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है।

पूर्व सरकारों पर तंज और डिजिटल इंडिया की तारीफ

योगी ने कहा कि दस वर्ष पहले यूपी के युवाओं को करियर के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जाना पड़ता था, जबकि अब प्रदेश के युवा लखनऊ में रहकर दुनिया के लिए टेक्नोलॉजी बना रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकारों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश की छवि खराब थी, असुरक्षा का माहौल था और आईटी सेक्टर की बुनियादी जरूरत बिजली भी उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 'उस समय के लोग अंधेरे में रहना अधिक पसंद करते थे, क्योंकि उनके सारे काम अंधेरे में ही होते थे।'

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में दिए गए डिजिटल इंडिया विजन की सराहना की और कहा कि डीबीटी (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) की बदौलत अब लाभार्थियों को भेजी गई राशि शत-प्रतिशत उनके खाते तक पहुँचती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो चुकी है। उन्होंने HCL कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश का ब्रांड एंबेसडर बताया।

HCL की भूमिका और रोशनी नादर मल्होत्रा का बयान

HCL टेक की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने उत्तर प्रदेश को HCL की कर्मभूमि और घर बताया। उन्होंने कहा कि जब HCL के टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग के सपने पर बहुत कम लोगों को भरोसा था, तब उत्तर प्रदेश ने युवा उद्यमियों को वैश्विक संस्थान बनाने का अवसर दिया। आज नोएडा HCL का ग्लोबल मुख्यालय है। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि HCL के संस्थापक शिव नादर ने पाँच दशक की यात्रा उत्तर प्रदेश से शुरू की थी, जो आज एक वैश्विक कंपनी बन चुकी है।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश देश के शीर्ष निवेश गंतव्यों में अपनी जगह मज़बूत कर रहा है और कई बड़े राज्य AI नीतियाँ घोषित कर रहे हैं। लखनऊ के लिए AI इनोवेशन सिटी का दर्जा प्राप्त करना बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे स्थापित टेक हब से सीधी प्रतिस्पर्धा का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परीक्षा उन वादों की पृष्ठभूमि में होगी जो यूपी को 'इन्वेस्टर्स समिट' के बाद भी पूरी तरह साकार नहीं हुए। बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे स्थापित हब से मुकाबले के लिए सिर्फ IT पार्क और स्किलिंग सेंटर पर्याप्त नहीं — गुणवत्तापूर्ण शोध संस्थान, जोखिम पूँजी और नौकरशाही की पारदर्शिता भी चाहिए। ₹500 करोड़ का HCL निवेश और 50 स्टार्टअप का लक्ष्य सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन इन स्टार्टअप्स के वास्तविक वैश्विक बाजार तक पहुँचने की सत्यापन-योग्य समयसीमा और जवाबदेही का ढाँचा अभी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी का लखनऊ को AI-डीप टेक हब बनाने का क्या मतलब है?
CM योगी आदित्यनाथ ने अगले पाँच वर्षों में लखनऊ को भारत की अग्रणी AI इनोवेशन सिटी बनाने का लक्ष्य घोषित किया है, जिसमें कम से कम 50 विश्वस्तरीय AI स्टार्टअप स्थापित होंगे और उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा। नोएडा और लखनऊ को U-Hub यानी डीप टेक हब के रूप में विकसित करने का निर्णय भी लिया गया है।
HCL IT सिटी लखनऊ फेज-2 में क्या है और इससे कितने रोज़गार मिलेंगे?
HCL IT सिटी लखनऊ के दूसरे चरण में करीब ₹500 करोड़ का निवेश होगा, जिससे लगभग 6,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इस चरण का उद्घाटन CM योगी ने 6 अक्टूबर 2026 को किया।
उत्तर प्रदेश का IT निर्यात लक्ष्य क्या है?
यूपी का IT और ITES निर्यात एक दशक पहले ₹12,000-15,000 करोड़ था, जो अब ₹1 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है। CM योगी ने अगले चार वर्षों में इसे ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।
HCL TechBee कार्यक्रम क्या है और इसका फायदा किसे मिला?
HCL TechBee एक स्किलिंग कार्यक्रम है जिसके जरिए लखनऊ में 2,200 से अधिक युवाओं को इंडस्ट्री-रेडी स्किल और टेक करियर से जोड़ा गया है। HCL अब स्थानीय कॉलेजों के 1,000 छात्रों के लिए AI प्रशिक्षण भी शुरू कर रहा है।
रोशनी नादर मल्होत्रा ने इस कार्यक्रम में क्या कहा?
HCL टेक की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने उत्तर प्रदेश को HCL की कर्मभूमि और घर बताया। उन्होंने कहा कि जब HCL के टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग सपने पर विश्वास नहीं था, तब उत्तर प्रदेश ने युवा उद्यमियों को वैश्विक संस्थान बनाने का अवसर दिया और आज नोएडा कंपनी का ग्लोबल मुख्यालय है।
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