लखनऊ को AI-डीप टेक हब बनाएंगे CM योगी, HCL IT सिटी फेज-2 की आधारशिला; ₹500 करोड़ निवेश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 अक्टूबर 2026 को लखनऊ को एआई, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी, कंप्यूटिंग और डीप टेक टेक्नोलॉजी का राष्ट्रीय केंद्र बनाने का संकल्प व्यक्त किया। HCL टेक लखनऊ के 10वें स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए उन्होंने घोषणा की कि अगले पाँच वर्षों में लखनऊ को भारत की अग्रणी AI इनोवेशन सिटी के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए कम से कम 50 विश्वस्तरीय AI स्टार्टअप और एक वैश्विक इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा।
HCL IT सिटी फेज-2 की आधारशिला
मुख्यमंत्री योगी ने HCL आईटी सिटी लखनऊ के फेज-2 की आधारशिला रखी और परियोजना मॉडल का उद्घाटन किया। इस दूसरे चरण में करीब ₹500 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उन्होंने इमर्जिंग टेक स्किलिंग सेंटर का भी शुभारंभ किया, जो छात्रों, शिक्षकों, कार्यरत पेशेवरों और सरकारी अधिकारियों को उभरती तकनीक में प्रशिक्षित करेगा।
वर्तमान में 100 एकड़ के HCL टेक लखनऊ परिसर में 12,520 से अधिक टेक कर्मचारी कार्यरत हैं। TechBee कार्यक्रम के जरिए 2,200 से अधिक युवाओं को इंडस्ट्री-रेडी स्किल और टेक्नोलॉजी करियर से जोड़ा गया है। HCL अब स्थानीय कॉलेजों के 1,000 छात्रों के लिए AI प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू कर रहा है।
निर्यात और IT विकास के आंकड़े
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक दशक पहले आईटी और आईटीईएस के माध्यम से ₹12,000-15,000 करोड़ का निर्यात होता था, जो अब ₹1 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है। अगले चार वर्षों में इसे ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य है। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भी ₹3,800 करोड़ से बढ़कर ₹45,000 करोड़ हो गया है और 2030 तक इसे ₹2 लाख करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि भारत की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 55% है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट में प्रदेश का योगदान 60% है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा में आईटी पार्क पहले से संचालित हैं और सात सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क कार्यरत हैं। वाराणसी, बरेली, कानपुर और गोरखपुर में नए आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। नोएडा और लखनऊ को U-Hub (डीप टेक हब) के रूप में विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है।
पूर्व सरकारों पर तंज और डिजिटल इंडिया की तारीफ
योगी ने कहा कि दस वर्ष पहले यूपी के युवाओं को करियर के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जाना पड़ता था, जबकि अब प्रदेश के युवा लखनऊ में रहकर दुनिया के लिए टेक्नोलॉजी बना रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकारों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश की छवि खराब थी, असुरक्षा का माहौल था और आईटी सेक्टर की बुनियादी जरूरत बिजली भी उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 'उस समय के लोग अंधेरे में रहना अधिक पसंद करते थे, क्योंकि उनके सारे काम अंधेरे में ही होते थे।'
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में दिए गए डिजिटल इंडिया विजन की सराहना की और कहा कि डीबीटी (डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर) की बदौलत अब लाभार्थियों को भेजी गई राशि शत-प्रतिशत उनके खाते तक पहुँचती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो चुकी है। उन्होंने HCL कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश का ब्रांड एंबेसडर बताया।
HCL की भूमिका और रोशनी नादर मल्होत्रा का बयान
HCL टेक की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा ने उत्तर प्रदेश को HCL की कर्मभूमि और घर बताया। उन्होंने कहा कि जब HCL के टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग के सपने पर बहुत कम लोगों को भरोसा था, तब उत्तर प्रदेश ने युवा उद्यमियों को वैश्विक संस्थान बनाने का अवसर दिया। आज नोएडा HCL का ग्लोबल मुख्यालय है। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि HCL के संस्थापक शिव नादर ने पाँच दशक की यात्रा उत्तर प्रदेश से शुरू की थी, जो आज एक वैश्विक कंपनी बन चुकी है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश देश के शीर्ष निवेश गंतव्यों में अपनी जगह मज़बूत कर रहा है और कई बड़े राज्य AI नीतियाँ घोषित कर रहे हैं। लखनऊ के लिए AI इनोवेशन सिटी का दर्जा प्राप्त करना बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे स्थापित टेक हब से सीधी प्रतिस्पर्धा का संकेत है।