एआई, ड्रोन और क्वांटम तकनीक से यूपी बनेगा देश का 'डीप टेक कैपिटल': सीएम योगी

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एआई, ड्रोन और क्वांटम तकनीक से यूपी बनेगा देश का 'डीप टेक कैपिटल': सीएम योगी

सारांश

सीएम योगी का दृष्टिकोण स्पष्ट है: 1998 के ऑपरेशन शक्ति की विरासत को आगे बढ़ाते हुए यूपी को एआई, ड्रोन और क्वांटम कंप्यूटिंग का केंद्र बनाना। 'इनोवेट इन यूपी' का नारा युवाओं को नवाचार की ओर प्रेरित करता है, जबकि डेटा सेंटर और स्टार्टअप इकोसिस्टम इस सपने की बुनियाद हैं।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर यूपी को ' डीप टेक कैपिटल ' बनाने की घोषणा की।
11 मई 1998 को पोखरण में 'ऑपरेशन शक्ति' के सफल परमाणु परीक्षण इसी दिन को महत्वपूर्ण बनाते हैं।
' टेक युवा-समर्थ युवा ' योजना के तहत युवाओं को एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, क्वांटम में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
यूपी में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है और डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
सीएम ने युवाओं से नवीनतम तकनीक सीखने और ' इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड ' के मूलमंत्र को अपनाने की अपील की।

लखनऊ, 11 मई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, क्वांटम कंप्यूटिंग और स्टार्टअप्स के माध्यम से उत्तर प्रदेश को देश का 'डीप टेक कैपिटल' बनाने की घोषणा की। 11 मई 1998 को पोखरण में 'ऑपरेशन शक्ति' के तहत भारत के सफल परमाणु परीक्षणों की स्मृति में इसी दिन को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है।

ऑपरेशन शक्ति और तकनीकी आत्मनिर्भरता

सीएम योगी ने कहा कि 11 मई 1998 का दिन भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण है। इसी दिन पोखरण में तीन सफल परमाणु परीक्षण कर भारत ने विश्व को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा और तकनीकी आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। इसी दिन स्वदेशी विमान 'हंस-3' ने सफल उड़ान भरी और 'त्रिशूल' मिसाइल का परीक्षण भी संपन्न हुआ। योगी ने तकनीक को केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार बताया।

तकनीक का जनजीवन में प्रवेश

सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार इसी मंत्र पर आगे बढ़ रही है। आज तकनीक प्रयोगशाला से निकलकर खेत-खलिहान तक पहुंच गई है, जिससे जनजीवन सुगम हुआ है। डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे पैसे हस्तांतरित हो रहे हैं। ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा इसी तकनीकी प्रगति का परिणाम है। योगी ने उत्तर प्रदेश के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सफल अंतरिक्ष उड़ान से 140 करोड़ भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा हुआ है।

युवाओं के लिए नई पहल

सीएम ने कहा कि 'टेक युवा-समर्थ युवा' योजना के माध्यम से सरकार युवाओं को आधुनिकतम प्रशिक्षण सुनिश्चित कर रही है। रोबोटिक्स और एआई मिशन शुरू किए गए हैं, और डेटा सेंटर क्लस्टर की कार्यवाही गतिमान है। 'इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड' के मूलमंत्र के साथ सरकार ड्रोन, क्वांटम, ग्रीन हाइड्रोजन और मेड-टेक के क्षेत्र में प्रगति कर रही है।

यूपी की तकनीकी उपलब्धियाँ

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज आईटी पार्क, स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण यहीं हो रहा है, जो तकनीक आधारित विकास की इस यात्रा का प्रमाण है। सीएम ने उत्तर प्रदेश को देश का 'डीप टेक कैपिटल' बनाने के लिए प्रतिबद्धता दोहाई।

युवाओं को संदेश

सीएम योगी ने युवाओं से सीधे कहा कि तकनीक समय के समान है — इसके साथ न चलना समय से पिछड़ जाना है। उन्होंने नवीनतम तकनीक सीखने, नवाचार अपनाने और आत्मनिर्भर प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। योगी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी, जिनके नेतृत्व में भारत ने परमाणु शक्ति के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल की थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या भारत के अन्य राज्यों की तुलना में यूपी वाकई 'डीप टेक कैपिटल' बनने की दौड़ में आगे है। बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे के पास पहले से स्थापित तकनीकी इकोसिस्टम और निवेश का रिकॉर्ड है। यूपी के पास ब्रह्मोस और अंतरिक्ष प्रतिभा है, लेकिन निजी स्टार्टअप इकोसिस्टम अभी भी विकास के शुरुआती चरण में है। सरकारी योजनाओं की सफलता का मापदंड केवल घोषणाएँ नहीं, बल्कि वास्तविक निवेश, नौकरी सृजन और पेटेंट रजिस्ट्रेशन है। गौरतलब है कि पिछले दशक में यूपी ने औद्योगिक विकास में तेज़ी दिखाई है, लेकिन 'डीप टेक' जैसी बहुआयामी प्रतिबद्धता को साकार करने के लिए निरंतर निवेश, कुशल जनशक्ति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता होगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 11 मई को ही क्यों मनाया जाता है?
11 मई 1998 को भारत ने पोखरण में 'ऑपरेशन शक्ति' के तहत तीन सफल परमाणु परीक्षण किए थे। इसी दिन स्वदेशी विमान 'हंस-3' ने उड़ान भरी और 'त्रिशूल' मिसाइल का परीक्षण भी संपन्न हुआ। भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों को चिह्नित करने के लिए यह दिन चुना गया।
सीएम योगी की 'डीप टेक कैपिटल' योजना में कौन-से क्षेत्र शामिल हैं?
सीएम ने एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, क्वांटम कंप्यूटिंग, ग्रीन हाइड्रोजन और मेड-टेक को प्रमुख क्षेत्र बताया है। इसके अलावा आईटी पार्क, डेटा सेंटर क्लस्टर और स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित किए जा रहे हैं।
'टेक युवा-समर्थ युवा' योजना क्या है?
यह योजना उत्तर प्रदेश के युवाओं को आधुनिकतम तकनीकों में प्रशिक्षण देने के लिए शुरू की गई है। इसके तहत एआई, रोबोटिक्स और अन्य उभरती तकनीकों में कौशल विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।
ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण यूपी में कहाँ हो रहा है?
सीएम योगी ने कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण उत्तर प्रदेश में हो रहा है, जो यूपी की तकनीकी क्षमता और रक्षा उद्योग में भूमिका का प्रमाण है। विस्तृत स्थान का उल्लेख सीएम के संबोधन में नहीं किया गया।
शुभांशु शुक्ला कौन हैं और उनकी अंतरिक्ष उड़ान का महत्व क्या है?
शुभांशु शुक्ला उत्तर प्रदेश के अंतरिक्ष यात्री हैं। उनकी सफल अंतरिक्ष उड़ान ने भारत की अंतरिक्ष क्षमता का प्रदर्शन किया और 140 करोड़ भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा किया। यह भारत की तकनीकी उपलब्धि का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
राष्ट्र प्रेस