मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026: ₹3,729 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 10,263 B2B बैठकों का रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 (एमपीटीएम) के 7वें संस्करण में निजी क्षेत्र से ₹3,729 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में निवेशकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 10 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुए इस तीन दिवसीय आयोजन में 34 देशों के 100 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय और देश के 180 से अधिक टूर ऑपरेटर, होटल व्यवसायी एवं निवेशक एक साझा मंच पर आए।
आयोजन का दायरा और भागीदारी
इस तीन दिवसीय महाआयोजन में मध्य प्रदेश के 250 से अधिक ट्रैवल टूर ऑपरेटर, होटलियर और एग्जीबिटर्स ने भाग लिया। आयोजन ने वन्य जीव, हेरिटेज, आध्यात्म, साहसिक और ग्रामीण पर्यटन के विविध आयामों को वैश्विक खरीदारों के समक्ष प्रस्तुत किया। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश को एक उभरते पर्यटन गंतव्य के रूप में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।
निवेश प्रस्तावों का स्वरूप
प्राप्त ₹3,729 करोड़ के निवेश प्रस्ताव लक्जरी होटलों, वेलनेस रिसॉर्ट्स, गोल्फ कोर्स, वॉटरफ्रंट रिट्रीट्स और वन्यजीव लॉज के विकास से जुड़े हैं। आंकड़ों के अनुसार, इन पूंजीगत निवेशों से राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों की आतिथ्य क्षमता में विश्वस्तरीय वृद्धि होगी। साथ ही, राज्य के दूरस्थ अंचलों में आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के हज़ारों नए अवसर सृजित होने की संभावना है।
B2B बैठकों में 14% की बढ़ोतरी
व्यावसायिक संवाद के दृष्टिकोण से यह आयोजन उल्लेखनीय रहा — इसमें कुल 10,263 सफल बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकें संपन्न हुईं। गौरतलब है कि वर्ष 2025 के ट्रैवल मार्ट में लगभग 9,000 बैठकें हुई थीं, जिसकी तुलना में इस वर्ष 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह आँकड़ा दर्शाता है कि आयोजन की व्यावसायिक प्रासंगिकता प्रतिवर्ष मज़बूत हो रही है।
स्थानीय उद्यमियों को मिला वैश्विक मंच
इन बैठकों ने स्थानीय टूर प्रमोटर्स, होटल मालिकों और ग्रामीण होमस्टे संचालकों को अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय खरीदारों से सीधे जोड़ा। इससे आगामी वर्षों के लिए दीर्घकालिक व्यावसायिक अनुबंधों का आधार तैयार हुआ है। ग्रामीण और आदिवासी पर्यटन क्षेत्रों में कार्यरत छोटे उद्यमियों के लिए यह अवसर विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे की राह
एमपीटीएम 2026 ने मध्य प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को एक नई वैश्विक पहचान दिलाई है। अब यह देखना होगा कि प्राप्त निवेश प्रस्ताव किस गति से ज़मीन पर उतरते हैं और स्थानीय रोज़गार सृजन में कितनी भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन निवेशों के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए एक पारदर्शी तंत्र आवश्यक होगा।