क्या माघ मेला 2026 में जेन-जी पीढ़ी ने अपनी उपस्थिति से उत्साह बढ़ाया?
सारांश
Key Takeaways
- माघ मेला 2026 का आयोजन 3 जनवरी से शुरू हुआ।
- प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और सुविधाओं के लिए तैयारियां की हैं।
- जेन-जी पीढ़ी ने पौष पूर्णिमा पर पवित्र स्नान किया।
- यह आयोजन भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रतीक है।
- उत्तर प्रदेश सरकार के कलाकार श्रद्धालुओं के लिए प्रस्तुतियाँ देंगे।
प्रयागराज, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रयागराज में ऐतिहासिक माघ मेला-2026 का शुभारंभ हो चुका है। यह मेला 3 जनवरी से शुरू हुआ है। प्रशासन इस मेले को भव्य और दिव्य बनाने के लिए पूरी तरह से सतर्क है।
रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "आज पौष पूर्णिमा का पहला दिन है। इसी के साथ माघ मेला आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है। रेलवे प्रशासन इस मेले में भाग लेने आए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करता है। हम रेलवे के जरिए माघ मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"
एक महिला श्रद्धालु ने साझा किया, "मैं पश्चिम बंगाल से आई हूं। मेरी वहां एक बेकरी है और मैं घर का काम भी करती हूं। यहां का इंतजाम बहुत अच्छा है। मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी। इतने सारे लोगों के साथ सब कुछ साफ रखना बहुत कठिन होता है, फिर भी इसे बहुत अच्छे से प्रबंधित किया गया है। हम नए साल पर यहां आए, क्योंकि हमें लगा कि यह एक आध्यात्मिक अनुभव होगा।"
इससे पहले अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय पाल शर्मा ने बताया, "जैसा कि आप जानते हैं, आज माघ मेला 2026 का पहला बड़ा स्नान पर्व है। इलाके की निगरानी के लिए ड्रोन, एआई-इनेबल्ड कैमरे और एआई-बेस्ड सिस्टम लगाए गए हैं, जिनके जरिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। हमारी ट्रैफिक और सुरक्षा टीमें सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जमीन पर तैनात हैं।"
प्रयागराज के माघ मेले में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। सभी पवित्र गंगा स्नान के लिए विशेष उत्सुक थे। इस अवसर पर खासतौर पर भारत की जेन-जी पीढ़ी ने पौष पूर्णिमा के दिन पवित्र स्नान किया।
बता दें कि प्रयागराज की पावन धरती पर माघ मेला-2026 के अवसर पर भारतीय संस्कृति, कला और अध्यात्म का भव्य संगम देखने को मिल रहा है। इस ऐतिहासिक मेले में उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के माध्यम से देश-प्रदेश के मशहूर कलाकार रंगारंग और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।