क्या मैजिकविन बेटिंग मामले में ईडी ने चार्जशीट दाखिल की?
सारांश
Key Takeaways
- मैजिकविन वेबसाइट ऑनलाइन सट्टेबाजी का एक प्लेटफॉर्म है।
- ईडी ने 14 व्यक्तियों और संस्थाओं को आरोपी बनाया है।
- सट्टेबाजी से संबंधित लेनदेन में म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल होता था।
- जांच में कई डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए।
- सट्टेबाजी में हवाला और क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल होता है।
नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मैजिकविन वेबसाइट से संबंधित सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अहमदाबाद की विशेष अदालत में एक चार्जशीट प्रस्तुत की है। इस मामले में कुल 14 व्यक्तियों और संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है।
ईडी ने यह जांच अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन द्वारा दायर की गई एफआईआर के आधार पर आरंभ की थी। एफआईआर में यह आरोप लगाया गया है कि मैजिकविन वेबसाइट के संचालकों ने अनुमति के बिना आईसीसी मेन्स टी-20 वर्ल्ड कप 2024 के मैचों की ऑनलाइन स्ट्रीमिंग और प्रसारण किया, जबकि इसके अधिकार स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पास थे।
मैजिकविन एक ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफॉर्म है, जो वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से कार्य करता है। इसमें लाइव कैसीनो खेल जैसे बैकारेट, तीन पत्ती, रूलेट, पोकर, और ब्लैकजैक खेले जाते हैं। इसके अतिरिक्त, क्रिकेट, टेनिस, फुटबॉल, और हॉर्स रेसिंग जैसे खेलों पर भी सट्टा लगाया जाता है। उपयोगकर्ता लाइव स्कोर और मैच की स्ट्रीमिंग को देखते हुए दांव लगा सकते हैं।
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मैजिकविन वेबसाइट यूनाइटेड किंगडम में पंजीकृत कंपनी मैजिकविन स्पोर्ट्स लिमिटेड से संबंधित है। इसके निदेशक गुलाब हरजी मल और ओमेश कुमार गुरनानी पाकिस्तानी नागरिक हैं जो कथित तौर पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में निवास करते हैं।
ईडी की जांच में यह भी पता चला है कि मैजिकविन सट्टेबाजी के लेनदेन के लिए म्यूल बैंक खातों का उपयोग करता था। कुछ मामलों में खिलाड़ियों को घरेलू मनी ट्रांसफर सेवा के माध्यम से भुगतान किया गया। पहले की कार्रवाई में, ईडी ने लगभग 2.5 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज/जब्त किया था और कई डिजिटल उपकरणों सहित आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए थे।
जांच एजेंसी के अनुसार, कई सेलिब्रिटी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी मैजिकविन का प्रचार कर चुके हैं। इसके अलावा, सट्टेबाजी से संबंधित पैसे हवाला और क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से भी इधर-उधर किए गए।