महाराष्ट्र $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था की राह पर: एकनाथ शिंदे ने गिनाई ₹4 लाख करोड़ की परियोजनाएँ
सारांश
मुख्य बातें
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 22 मई 2026 को मुंबई में एक संवाद सत्र के दौरान दृढ़ विश्वास जताया कि महाराष्ट्र भारी उद्योगों, आधुनिक बुनियादी ढाँचे, कनेक्टिविटी, कौशल विकास और पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं के बल पर $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह समग्र विकास रणनीति 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप है और राज्य को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करेगी।
मुंबई-गढ़चिरोली विकास एक्सप्रेसवे
शिंदे ने घोषणा की कि राज्य सरकार मुंबई को गढ़चिरोली के सुरजागढ़ से जोड़ने वाले एक नए विकास एक्सप्रेसवे का निर्माण करने जा रही है। इसके तहत सुरजागढ़ खनन क्षेत्र से खनिजों की ढुलाई को सुगम बनाने के लिए 85 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना को मंजूरी दी जा चुकी है। यह गलियारा सीधे समृद्धि महामार्ग से जुड़ेगा, जिससे मुंबई और गढ़चिरोली के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 9 से 10 घंटे रह जाएगा।
विकेंद्रीकृत विकास पर ज़ोर
उपमुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि सरकार का फोकस केवल बड़े महानगरों तक विकास सीमित रखने का नहीं है, बल्कि ग्रामीण, आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों को भी समृद्ध करना है। उन्होंने गढ़चिरोली को प्राकृतिक और औद्योगिक संपदा के भंडार के रूप में रेखांकित किया और कहा कि इस क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक रूपांतरण के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि गढ़चिरोली लंबे समय से विकास की मुख्यधारा से कटा रहा है, और यह कनेक्टिविटी परियोजना उसे बदलने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
MMR में ₹4 लाख करोड़ की परियोजनाएँ निर्माणाधीन
मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में वर्तमान में लगभग ₹4 लाख करोड़ की बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं। इनमें अटल सेतु, मुंबई तटीय सड़क, बुलेट ट्रेन, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, मेट्रो लाइन 3 और वधावन बंदरगाह प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण भी प्रगति पर है, जो क्षेत्रीय हवाई संपर्क को नई ऊँचाई देगा।
रोज़गार और कौशल विकास
शिंदे के अनुसार, समृद्धि महामार्ग, विस्तारित मेट्रो नेटवर्क, औद्योगिक गलियारे, एकीकृत इस्पात संयंत्र और कौशल विकास केंद्रों जैसी पहलों ने रोज़गार सृजन को उल्लेखनीय रूप से बढ़ावा दिया है। उन्होंने इसे 'तटीय से वन' की ओर विकास का मार्ग बताया — यानी समुद्र तटीय औद्योगिक पट्टी से लेकर आदिवासी वन क्षेत्रों तक आर्थिक गतिविधि का विस्तार। गढ़चिरोली में एक नए हवाई अड्डे की परियोजना को भी संरचनात्मक मंजूरी मिल चुकी है, जो इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मज़बूत करेगी।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र देश की GDP में सबसे बड़ा योगदानकर्ता राज्य बना हुआ है और $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य सरकार की दीर्घकालिक प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर है। आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं की प्रगति और गढ़चिरोली एक्सप्रेसवे के लिए टेंडर प्रक्रिया की दिशा पर निगाहें टिकी रहेंगी।