रायगढ़ के आदिवासी छात्रों को स्कूल बस: राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मुंबई में सौंपी, 42 नए दाखिले
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने 20 जून 2026 को मुंबई स्थित महाराष्ट्र लोक भवन में एक विशेष समारोह में रायगढ़ जिले के आदिवासी और ग्रामीण छात्रों के लिए नई स्कूल बस औपचारिक रूप से सौंपी। यह बस सुमन रमेश तुलसियानी ट्रस्ट द्वारा रायगढ़ के रतवाड़ स्थित छत्रपति शिक्षण मंडल के माध्यमिक विद्यामंदिर को दान में दी गई है। बस सेवा शुरू होने के बाद विद्यालय में दाखिले में 42 छात्रों की वृद्धि दर्ज की गई है।
समारोह में कौन-कौन रहे उपस्थित
इस अवसर पर सुमन रमेश तुलसियानी ट्रस्ट के ट्रस्टी मनीष रूपानी, नाना पालकर स्मृति समिति के पदाधिकारी कृष्णा महाडिक, छत्रपति शिक्षण मंडल के मानद सचिव डॉ. नीलेश रेवगड़े तथा संस्था के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। राज्यपाल वर्मा ने बस की चाबी ट्रस्ट प्रतिनिधियों के हाथों संस्था को सौंपी।
कितने छात्रों को मिलेगा लाभ
रतवाड़ का यह माध्यमिक विद्यामंदिर क्षेत्र के आठ गाँवों और चार आदिवासी बस्तियों के कुल 196 छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है। परिवहन सुविधा उपलब्ध होने से दूर-दराज के आदिवासी बच्चे अब नियमित रूप से विद्यालय पहुँच पा रहे हैं, जिसका उनकी शैक्षणिक उपस्थिति और प्रदर्शन पर सकारात्मक असर पड़ा है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब आदिवासी क्षेत्रों में ड्रॉपआउट दर राष्ट्रीय औसत से अधिक बनी हुई है।
ट्रस्ट की सामाजिक विरासत
ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने बताया कि सुमन रमेश तुलसियानी ट्रस्ट अब तक शिक्षा के उद्देश्य से विभिन्न संस्थाओं को कुल नौ स्कूल बसें दान कर चुका है। गौरतलब है कि ट्रस्ट के संस्थापक रमेश तुलसियानी और सुमन तुलसियानी का मात्र 15 दिनों के अंतराल में निधन हो गया था। इसके बावजूद ट्रस्ट उनकी सामाजिक सेवा की विरासत को शिक्षा, स्वास्थ्य और आदिवासी कल्याण के क्षेत्रों में सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है।
राज्यपाल की प्रतिक्रिया
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने ट्रस्ट की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार के दान से ग्रामीण और आदिवासी बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा। उन्होंने कहा कि स्कूल बस जैसी सुविधाएँ बच्चों की नियमित उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों को बढ़ावा देती हैं। आने वाले समय में ट्रस्ट की इस तरह की पहलें अन्य आदिवासी क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती हैं।