मणिपुर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने तामेंगलोंग में नए स्कूल भवन का उद्घाटन किया, NGO के प्रयासों की सराहना
सारांश
Key Takeaways
- मणिपुर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 29 अप्रैल 2026 को वर्चुअल माध्यम से पौ शंकर काने विद्यालय, हौगैलोंग, तामेंगलोंग का उद्घाटन किया।
- भवन का निर्माण उत्तर पूर्वी परिषद (NEC) के वित्तीय सहयोग से किया गया है।
- विद्यालय की स्थापना 2009 में मुंबई स्थित पूर्वा सीमा विकास प्रतिष्ठान ने की थी।
- स्कूल 2022 तक कच्ची छत वाली इमारत से किराए के परिसर में संचालित होता था, अब आधुनिक स्थायी भवन में स्थानांतरित।
- उरीपोक के वरिष्ठ नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने लोक भवन, इम्फाल में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।
मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को राज्य के सुदूर और सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा, सामाजिक विकास और सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने में जुटे गैर-सरकारी संगठनों के समर्पित प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से पर्वतीय तामेंगलोंग जिले के हौगैलोंग में नवनिर्मित पौ शंकर काने विद्यालय भवन का उद्घाटन किया।
नए भवन की पृष्ठभूमि
यह नवनिर्मित विद्यालय भवन उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय के अधीन उत्तर पूर्वी परिषद (NEC) के वित्तीय सहयोग से बनाया गया है। पौ शंकर काने विद्यालय की स्थापना 2009 में मुंबई स्थित शिक्षण संस्थान पूर्वा सीमा विकास प्रतिष्ठान की पहल पर की गई थी। यह संस्थान मणिपुर में आर्थिक रूप से वंचित समुदायों के बच्चों की सेवा के लिए कई स्कूल संचालित कर रहा है।
स्कूल की विकास यात्रा
राज्यपाल ने स्कूल की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह विद्यालय 2022 तक एक साधारण कच्ची छत वाली इमारत से शुरू होकर किराए के परिसर में संचालित होता रहा और अब एक आधुनिक, स्थायी भवन में रूपांतरित हो गया है। उन्होंने इस परिवर्तन को दृढ़ता और सामूहिक संकल्प का जीवंत प्रमाण बताया। गौरतलब है कि मणिपुर जैसे संघर्षग्रस्त राज्य में सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों तक शिक्षा पहुँचाना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है।
राज्यपाल का संबोधन
छात्रों, शिक्षकों और गणमान्य व्यक्तियों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए राज्यपाल भल्ला ने प्रतिकूल मौसम के कारण शारीरिक रूप से उपस्थित न हो पाने पर खेद व्यक्त किया और सभी उपस्थित लोगों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने शिलांग स्थित उत्तर पूर्वी परिषद की भी प्रशंसा की, जिसने बेहतर बुनियादी ढाँचे के सपने को साकार करने में सहयोग दिया। शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई देते हुए उन्होंने आशा व्यक्त की कि पौ शंकर काने विद्यालय भविष्य में उत्कृष्टता और प्रेरणा के केंद्र के रूप में उभरेगा।
वरिष्ठ नागरिकों का प्रतिनिधिमंडल
इसी दिन उरीपोक से वरिष्ठ नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इम्फाल के लोक भवन में राज्यपाल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के महत्व के कई मुद्दों को उजागर करते हुए एक ज्ञापन प्रस्तुत किया।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब मणिपुर जातीय तनाव और सामाजिक विखंडन से जूझ रहा है। ऐसे में सुदूर पहाड़ी इलाकों में शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना न केवल शैक्षणिक दृष्टि से, बल्कि सामाजिक एकता की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पूर्वा सीमा विकास प्रतिष्ठान जैसे संगठनों का यह प्रयास उन बच्चों के जीवन में बदलाव लाने की दिशा में एक ठोस कदम है जो अन्यथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रह जाते।