महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों के लिए 128 करोड़ की सहायता का ऐलान
सारांश
Key Takeaways
- बेमौसम बारिश से 1,80,574 किसानों को नुकसान हुआ।
- सरकार ने 128.65 करोड़ रुपये की सहायता राशि घोषित की।
- प्रभावित जिलों में प्रमुख हैं चंद्रपुर, धुले, गढ़चिरौली।
- 5 लोगों की मृत्यु और 9 लोग घायल हुए।
- 41 सिंचाई परियोजनाओं से 2.95 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित हुई।
मुंबई, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में अक्टूबर से दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 से अप्रैल 2026 के बीच बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को सहायता प्रदान की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह जानकारी साझा की गई।
सरकार के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर 2025 के दौरान बेमौसम बारिश के कारण लगभग 1,14,752 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ, जिससे 1,80,574 किसानों की फसल और उत्पादन को नुकसान हुआ। इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने 128.65 करोड़ रुपए की सहायता राशि निर्धारित की। प्रभावित मुख्य जिले हैं: चंद्रपुर, धुले, गढ़चिरौली, जलगांव, नाशिक, रायगढ़ और सिंधुदुर्ग।
जनवरी से मार्च 2026 तक हुई बारिश ने 1,45,606 हेक्टेयर क्षेत्र को नुकसान पहुंचाया और 2,33,890 किसानों को प्रभावित किया। इस दौरान केला, प्याज, पपीता, आम, अंगूर, गेहूं, चना और ज्वार जैसी फसलें गंभीर रूप से प्रभावित हुईं। विशेष रूप से लातूर, सोलापुर, नाशिक, सातारा, धुले, नंदुरबार, यवतमाल, अहिल्यानगर, पुणे, जालना, छत्रपति संभाजीनगर, बुलढाणा और बीड जिलों में नुकसान अधिक दर्ज किया गया। इस बेमौसम बारिश के कारण 5 लोगों9 लोग घायल और 36 पशुओं की भी मौत हुई।
अप्रैल 2026 में हुई बारिश के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 1,94,329 किसानों की 1,22,993 हेक्टेयर भूमि को नुकसान हुआ है। वर्तमान में जनवरी से हुए नुकसान के पंचनामे की प्रक्रिया जारी है।
सिंचाई और जलसंपदा में सुधार के लिए सरकार ने जुलाई 2022 से अब तक 41 परियोजनाएं पूरी कर 105 टीएमसी जल भंडारण क्षमता तैयार की है, जिससे लगभग 2.95 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित हुई है। साथ ही, 225 परियोजनाओं को संशोधित और प्रशासनिक मंजूरी दी गई है, जिनकी कुल लागत 4.35 लाख करोड़ रुपए है। इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने पर राज्य में 33.45 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित होने की संभावना है।