क्या नारायण राणे ने राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए?
सारांश
Key Takeaways
- नारायण राणे ने राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए हैं।
- उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अवसर देना चाहिए।
- राणे का परिवार अब राजनीति और व्यवसाय में सक्रिय है।
मुंबई, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद नारायण राणे ने राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए हैं। रविवार को अपने गृह क्षेत्र रत्नागिरी में एक सार्वजनिक सम्मान समारोह के दौरान उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब कहीं तो रुकना पड़ता है।
राणे ने स्पष्ट रूप से कहा, "ऐसा नहीं है कि हमेशा काम करते रहना चाहिए, आखिरकार यह शरीर है। व्यक्ति को लगता है कि कहीं तो रुकना चाहिए। अब दोनों बेटे काम कर रहे हैं, तो घर के व्यवसाय का भी ध्यान रखना चाहिए।"
राणे ने अपनी लंबी राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कई दशकों तक पार्टी और जनता के लिए काम किया, लेकिन अब समय आ गया है कि नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाए।
उन्होंने अपने दोनों बेटों, नितेश और निलेश राणे, का जिक्र करते हुए कहा कि वे अब सक्रिय रूप से राजनीति और सामाजिक कार्यों में लगे हुए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि परिवार के व्यवसाय और निजी जीवन को भी समय देना आवश्यक हो गया है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में भाजपा और महायुति की सरकार मजबूत स्थिति में है। राणे ने 2024 के लोकसभा चुनाव में रत्नागिरी-रायगढ़ सीट से जीत हासिल की थी। हालांकि, हाल के महीनों में उनकी सक्रियता में कमी आई है, जिससे राजनीतिक हलकों में उनकी सेवानिवृत्ति की अटकलें लगने लगी थीं।
राणे ने समारोह में उपस्थित समर्थकों और कार्यकर्ताओं से कहा, "मैंने हमेशा पार्टी के निर्देशों के अनुसार काम किया। अब जब मेरे बच्चे तैयार हैं, तो मुझे लगता है कि अब मेरी बारी है कि मैं थोड़ा आराम करूं।" उन्होंने यह भी कहा कि वे पूरी तरह से राजनीति से दूर नहीं होंगे, लेकिन सक्रिय राजनीति से दूरी बनाना चाहते हैं।