क्या महाराष्ट्र ने एक महीने में 45,911 सौर पंप लगाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया?
सारांश
Key Takeaways
- महाराष्ट्र ने 45,911 सौर पंप लगाए हैं।
- गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना एक बड़ी उपलब्धि है।
- कुसुम योजना का पुनः प्रारंभ किया गया है।
- राज्य में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा।
- किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सुविधा मिलेगी।
मुंबई, 5 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की महायुति सरकार का एक वर्ष पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छत्रपती संभाजीनगर में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जनता के विश्वास के साथ महाराष्ट्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। केवल 1 महीने में 45,911 सौर पंप लगाकर महाराष्ट्र ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है।
फडणवीस ने बताया कि 2014 में जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने थे, तब किसानों की सबसे बड़ी मांग पानी और बीज की उपलब्धता थी। मराठवाड़ा में किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए 1 लाख सोलर पंप योजना की शुरुआत की गई थी। योजना कुछ समय के लिए रुकी रही, लेकिन 2022 में सरकार आने के बाद, केंद्र सरकार के सहयोग से कुसुम योजना के अंतर्गत इसे पुनः गति दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महावितरण के कार्यों के कारण आज पूरे देश में जितने भी सौर पंप लगाए गए हैं, उनमें से 65 प्रतिशत महाराष्ट्र में स्थापित किए गए हैं। यही कारण है कि महाराष्ट्र देश में नंबर 1 स्थान पर पहुँच चुका है।
उन्होंने आगे कहा कि एक महीने में 45,911 सौर पंप लगाकर महाराष्ट्र ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। विपक्षफडणवीस ने कार्यक्रम में मौजूद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अधिकारी को धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले वर्ष 10 लाख सौर पंप लगाने का लक्ष्य है, जिसके बाद राज्य को 10 करोड़ रुपए मिलेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन रहा है, जहाँ किसानों को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित बीज और सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे बिना प्रदूषण के अन्न उत्पादन संभव होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष तेज विकास, आर्थिक विकास और प्रशासनिक गति पर जोर देने वाला रहा है, जो गठबंधन की संरचना और व्यापक सामाजिक दबावों से उत्पन्न होने वाली राजनीतिक अस्थिरता के बीच हुआ है।
फडणवीस ने कहा कि प्रशासन का मुख्य फोकस बड़े शहरी और राज्य की मूलभूत परियोजनाओं को तेजी से पूरा करना रहा है। इसके लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए जा रहे हैं। कारोबार को सरल बनाने और वैश्विक निवेश लाने की दिशा में प्रयास किए गए हैं। कई क्षेत्रों में नीतिगत और प्रशासनिक सुधार किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा 25 दिसंबर से शुरू होने वाला है, इसलिए सरकार ने प्रस्तावित तीसरे मुंबई के लिए योजनाएँ पक्की कर ली हैं।