प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान महावीर के विचारों को मानवता के लिए मार्गदर्शक बताया
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नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती आज मनाई जा रही है। इस अवसर पर देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस खास दिन पर देशवासियों को महावीर जयंती की शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री आज गुजरात में महावीर जयंती के कार्यक्रम में भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, "भगवान महावीर के जन्म कल्याणक के पवित्र अवसर पर आपको हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान महावीर का जीवन और उनकी शिक्षाएं सत्य, अहिंसा और करुणा के मार्ग को हमेशा प्रकाशित करती रहेंगी। उनके आदर्श आज के समय में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। समानता और दया पर उनके विचार हमें समाज की साझा जिम्मेदारी की याद दिलाते हैं।"
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, "सत्य, सद्भाव, सद्व्यवहार और समानता पर आधारित भगवान महावीर के संदेशों में अद्भुत प्रेरणा है। उनके महान विचार सदैव मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे। श्रूयतां धर्मसर्वस्वं श्रुत्वा चैवावधार्यताम्। आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न समाचरेत्॥"
आज प्रधानमंत्री मोदी गांधीनगर के कोबा तीर्थ में स्थित सम्राट सम्प्रति संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। यह संग्रहालय सम्राट अशोक के पोते और जैन इतिहास के एक पूजनीय व्यक्ति सम्राट सम्प्रति के नाम पर स्थापित किया गया है, जिसमें सात भाग हैं, जो भारत की सभ्यतागत परंपराओं के विशिष्ट पहलुओं को समर्पित हैं।
प्रधानमंत्री ने संग्रहालय की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की हैं। उन्होंने लिखा है, "कोबा तीर्थ स्थित सम्राट सम्प्रति संग्रहालय की कुछ झलकियां यहां प्रस्तुत हैं, जिसका आज उद्घाटन किया जाएगा। भगवान महावीर के विचार हमेशा मानवता को शक्ति और आशा प्रदान करते रहें।"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "यह संग्रहालय न केवल हमारी विरासत को संरक्षित करता है बल्कि अनुकरणीय जैन संस्कृति और समाज पर इसके स्थायी प्रभाव को भी प्रदर्शित करता है।"
संग्रहालय के उद्घाटन के बाद, प्रधानमंत्री मोदी अहमदाबाद के सानंद जीआईडीसी में स्थित केयन्स सेमीकॉन प्लांट का उद्घाटन करेंगे, जो भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। मोदी ने कहा, "इससे भारत के सेमीकंडक्टर हब बनने के प्रयासों को और गति मिलेगी। इससे भारत को उच्च प्रौद्योगिकी विनिर्माण में आत्मनिर्भर बनने में प्रोत्साहन मिलेगा।"