पीएम मोदी ने कहा: हम पहले की सरकारों की गलतियों को सुधार रहे हैं, पांडुलिपियों का संरक्षण हमारी प्राथमिकता

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पीएम मोदी ने कहा: हम पहले की सरकारों की गलतियों को सुधार रहे हैं, पांडुलिपियों का संरक्षण हमारी प्राथमिकता

सारांश

गांधीनगर में भगवान महावीर की जयंती पर पीएम मोदी ने सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया और बहुमूल्य पांडुलिपियों के संरक्षण पर जोर दिया।

Key Takeaways

  • सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन
  • पांडुलिपियों का संरक्षण प्राथमिकता
  • ज्ञान भारतम मिशन की शुरुआत
  • 10 संकल्पों का दोहराना
  • जैन धर्म की धरोहर का संरक्षण

गांधीनगर, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भगवान महावीर की जयंती के अवसर पर गांधीनगर के कोबा तीर्थ में सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन किया। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने बहुमूल्य पांडुलिपियों के संरक्षण की अनदेखी की थी।

पीएम मोदी ने कहा, "आज भगवान महावीर की जयंती के इस पावन दिन पर मुझे इस पवित्र जैन तीर्थ में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। पहले मैं भगवान महावीर के चरणों में प्रणाम करता हूं। कोबा तीर्थ से, मैं सभी देशवासियों को भगवान महावीर जयंती की शुभकामनाएं देता हूं। मुझे खुशी है कि हमारी हजारों वर्ष पुरानी भारतीय विरासत, जैन धर्म का अमूल्य ज्ञान, और हमारी धरोहरें, आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए नए और आधुनिक रूप में प्रस्तुत की जा रही हैं। यह सम्राट संप्रति संग्रहालय जैन दर्शन, भारतीय संस्कृति और हमारी प्राचीन धरोहर का एक पवित्र केंद्र बन चुका है। मैं इस अद्वितीय प्रयास के लिए हमारे सभी जैन संतों को बधाई देता हूं। सम्राट संप्रति संग्रहालय भारत के करोड़ों लोगों की धरोहर है।"

उन्होंने आगे कहा, "जहां कुछ शासकों ने हिंसा का सहारा लेकर शासन किया, वहीं सम्राट संप्रति ने अहिंसा का प्रचार किया। उन्होंने सत्य, अस्तेय और अपरिग्रह का महत्व बताया। निस्वार्थ भाव से शासन को सेवा का माध्यम मानकर जीने की यह सीख हमें हमारे अतीत से मिलती है। यह भारत के गौरवमयी अतीत की धरोहर है। भारत में ज्ञान हमेशा मुक्त प्रवाह में रहा है। हर युग में तीर्थंकरों और ऋषियों का अवतार हुआ है। ज्ञान का संकलन बढ़ता रहा है।"

प्रधानमंत्री ने कहा, "हम पिछली सरकारों की उन गलतियों को सुधार रहे हैं, जिन्होंने बहुमूल्य पांडुलिपियों के संरक्षण की अनदेखी की थी। इस गलती को सुधारने के लिए हमने ज्ञान भारतम मिशन की शुरुआत की है, जिसमें आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है और वैज्ञानिक विधियों से उन्हें संरक्षित किया जा रहा है। इनमें उच्च गुणवत्ता वाली स्कैनिंग, रासायनिक उपचार और व्यापक डिजिटल संग्रहों का निर्माण शामिल है, जिनका उद्देश्य हमारी समृद्ध विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित करना है।"

उन्होंने यह भी कहा, "आज का यह अवसर 10 संकल्पों को दोहराने का है। पहले संकल्प: पानी बचाने का, दूसरे- एक पेड़ मां के नाम, तीसरा- स्वच्छता का मिशन, चौथा- वोकल फॉर लोकल, पांचवां- देश दर्शन, छठा- प्राकृतिक खेती को अपनाना, सातवां- स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, आठवां- योग और खेल को जीवन में लाना, नवां- गरीबों की सहायता का संकल्प और दसवां- भारत की विरासत का संकल्प, जिसे आप सभी ने स्वयं से जोड़ लिया है।"

Point of View

बल्कि पांडुलिपियों के संरक्षण की दिशा में उठाए गए कदमों को भी रेखांकित किया। यह कदम भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए आवश्यक हैं।
NationPress
31/03/2026

Frequently Asked Questions

सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन कब हुआ?
सम्राट संप्रति संग्रहालय का उद्घाटन 31 मार्च को भगवान महावीर की जयंती पर किया गया।
पीएम मोदी ने पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए कौन सा मिशन शुरू किया?
पीएम मोदी ने पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए ज्ञान भारतम मिशन की शुरुआत की है।
इस संग्रहालय का उद्देश्य क्या है?
इस संग्रहालय का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और जैन धर्म की धरोहर को संरक्षित करना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
पीएम मोदी ने कितने संकल्पों की बात की?
पीएम मोदी ने 10 संकल्पों की बात की।
भगवान महावीर की जयंती कब मनाई जाती है?
भगवान महावीर की जयंती प्रतिवर्ष मार्च में मनाई जाती है।
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