महिलाओं के आरक्षण का अधिकार, उपकार नहीं: नीरज शेखर
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं का 33%25 आरक्षण अधिकार है।
- चंद्रशेखर भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे।
- नीरज शेखर ने पिताजी को जननायक बताया।
नई दिल्ली, १७ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। इस अवसर पर, चंद्रशेखर के बेटे और भाजपा नेता नीरज शेखर ने आभार व्यक्त किया।
नीरज शेखर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी के मन में मेरे पिताजी के प्रति गहरी श्रद्धा है। लोग उन्हें देश का जननायक मानते हैं। आज के दिन उन्हें याद करने वालों के प्रति मैं आभारी हूं। खासकर, अपने युवा साथियों से कहूंगा कि ऐसे जननायकों के बारे में अध्ययन करें और उनके मार्ग पर चलने का प्रयास करें।"
महिला आरक्षण बिल पर नीरज शेखर ने कहा, "हम चाहते हैं कि संसद और विधानसभा में महिलाओं को ३३ फीसदी आरक्षण मिले। यह उनका अधिकार है। हम उन पर कोई उपकार नहीं कर रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि यह विधेयक आज लोकसभा में पारित होगा।"
चंद्रशेखर का जन्म १७ अप्रैल १९२७ को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हुआ था। वे १० नवंबर १९९० से २१ जून १९९१ तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। उन्होंने जनता दल के एक विभाजन के बाद अल्पमत सरकार का नेतृत्व किया, जिसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का बाहरी समर्थन प्राप्त था। चंद्रशेखर भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने पहले कभी कोई सरकारी पद नहीं संभाला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंद्रशेखर की जयंती पर एक्स पर लिखा, "इस वर्ष उनकी १००वीं जयंती की शुरुआत हो रही है और यह एक समृद्ध एवं न्यायपूर्ण भारत के उनके सपने को साकार करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का समय है। चंद्रशेखर जी को एक जननेता के रूप में याद किया जाता है, जिनके पास साहस, दृढ़ विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी निष्ठा थी।"