क्या मंडी में भारी तबाही ने जानमाल का नुकसान किया? अब तक 13 की मौत

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क्या मंडी में भारी तबाही ने जानमाल का नुकसान किया? अब तक 13 की मौत

सारांश

मंडी में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है। बारिश के कारण बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं में 13 लोगों की जान गई और 29 लोग लापता हैं। प्रशासन राहत कार्य में जुटा है।

मुख्य बातें

मंडी में 13 लोगों की मौत हुई है।
29 लोग अभी भी लापता हैं।
148 मकान और 162 मवेशियों को नुकसान हुआ है।
154 लोगों को बचाया गया है।
राहत शिविरों में 357 लोग आश्रय ले रहे हैं।

मंडी, 3 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। प्रदेश में जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। मंडी जिले में इस आपदा के कारण अब तक 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 29 लोग अभी भी लापता हैं।

जानकारी के अनुसार, मंडी जिले के थुनाग, करसोग, जोगिंद्रनगर और गौहर इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। थुनाग में पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि करसोग में एक और गौहर में सात लोगों की जान गई है। इसके अलावा, जोगिंद्रनगर के स्यांज से दो शवों को बरामद किया गया है। साथ ही थुनाग, करसोग और गौहर के 29 लोग लापता हैं।

इसके अलावा, इस आपदा के कारण मंडी जिले में 148 मकान, 104 गौशालाएं और 162 मवेशियों की हानि हुई है। साथ ही 14 पुल को भी आपदा में नुकसान पहुंचा है। 154 लोगों को बचाया गया है।

मंडी प्रशासन ने आपदा से प्रभावित लोगों के लिए कई राहत शिविर भी बनाए हैं, जिनमें 357 लोगों ने आश्रय लिया है।

इस बीच, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस, होम गार्ड और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं।

बता दें कि मंडी जिले में सोमवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। करसोग और धर्मपुर उपमंडल में बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाओं से भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, गोहर और सदर उपमंडल में भी भूस्खलन और जलभराव की कई घटनाएं सामने आई हैं।

वहीं, प्रशासन ने लोगों से जरूरी न होने पर यात्रा से बचने और आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है। बचाव कार्यों में तेजी लाने और लापता लोगों का पता लगाने के लिए प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब प्रकृति अपना रूप दिखाती है, तो हम असहाय हो जाते हैं। सरकार को चाहिए कि वह आपदा प्रबंधन की योजनाओं को और मजबूत करे।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंडी में कितने लोग लापता हैं?
मंडी में वर्तमान में 29 लोग लापता हैं।
आपदा के कारण कितने लोगों की मौत हुई है?
आपदा के कारण अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है।
प्रशासन ने राहत कार्य के लिए क्या किया है?
प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर बनाए हैं और बचाव कार्य में जुटा है।
कहाँ-कहाँ भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं?
भूस्खलन की घटनाएं थुनाग, करसोग, जोगिंद्रनगर और गौहर में हुई हैं।
राहत शिविरों में कितने लोग आश्रय ले रहे हैं?
राहत शिविरों में 357 लोग आश्रय ले रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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