क्या मणिकर्णिका घाट पर मूर्ति टूटने से विकास प्रभावित होगा?
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इंदौर, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व लोकसभा स्पीकर और भाजपा की प्रमुख नेता सुमित्रा महाजन ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर हुई मूर्ति टूटने की घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पुरानी चीजों को सहेजना महत्वपूर्ण है, लेकिन विकास के कार्य भी उतने ही आवश्यक हैं। उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार इस मुद्दे को बेहतर ढंग से समझ रही है।
इंदौर में मीडिया के साथ बातचीत करते हुए, वरिष्ठ नेता ने कहा, "मूर्ति किसकी टूटी है, इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन यह ज्ञात हुआ है कि विकास कार्य के दौरान अचानक जेसीबी के धक्के से वो टूट गई। यह घटना गंभीर है, लेकिन प्रशासन ने तुरंत एक विज्ञप्ति जारी कर गलती स्वीकार की है और इसे ठीक करने का निर्देश दिया है।"
सुमित्रा महाजन ने 'जी राम जी' योजना की सराहना करते हुए कहा कि हर सरकार अपने तरीके से कार्य करती है और नाम बदलने पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "इतने वर्षों तक वही (मनरेगा) नाम रहा, लेकिन वास्तव में कितना कार्य हुआ? यदि अब कोई नया बदलाव किया जा रहा है, तो इसमें क्या बुराई है? नई योजना में ग्रामीण विकास का ही ध्यान रखा गया है।"
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण हुई मौतों को लेकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि आज मेरे लिए गली-गली में जाकर दौरा करना संभव नहीं है। इसलिए मैं लगातार पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से संपर्क में हूं। भागीरथपुरा के लोग भी मुझसे मिलने आए थे।
पूर्व लोकसभा स्पीकर ने कांग्रेस के नेता जीतू पटवारी से मुलाकात के बारे में कहा कि वह कई दिनों से इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने इंदौर शहर में घटित घटनाक्रम के बारे में बात की और कहा कि उनका मार्गदर्शन आवश्यक है। मैंने उन्हें विभिन्न संस्थाओं की जानकारी दी है। फिलहाल वे विपक्ष में हैं और मुद्दों को लेकर उनका कार्य हंगामा करना होता है।