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क्या अखिलेश यादव मणिकर्णिका घाट पर गलत बयान दे रहे हैं? एसपी सिंह बघेल का जवाब

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क्या अखिलेश यादव मणिकर्णिका घाट पर गलत बयान दे रहे हैं? एसपी सिंह बघेल का जवाब

सारांश

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अखिलेश यादव के आरोपों पर एसपी सिंह बघेल का जवाब। क्या सच में भाजपा ने पौराणिक मंदिरों को तोड़ा? जानिए इस विवाद की सच्चाई।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव के आरोपों का एसपी सिंह बघेल ने जवाब दिया।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण श्रद्धालुओं के लिए लाभकारी है।
भाजपा सरकार मंदिरों के जीर्णोद्धार पर ध्यान दे रही है।
जनता ने गलत जानकारी फैलाने वाले नेताओं पर विश्वास करना बंद कर दिया है।
इतिहास में मंदिरों को तोड़ने वाले हमलावरों का जिक्र किया गया।

आगरा, १८ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट मंदिर को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा शासन में जितने पौराणिक मंदिरों को नष्ट किया गया है, उतने किसी और ने नहीं किए। इस पर केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि विपक्ष गलत जानकारी फैला रहा है।

केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "अखिलेश यादव का यह बयान मणिकर्णिका घाट पर दिया गया था और यह अहिल्या घाट से संबंधित है। उनके इस दावे पर कि किसी भी नेता ने दूसरों की तुलना में अधिक विनाश नहीं किया है, मैं कहना चाहूंगा कि जिन लोगों ने मंदिरों को तोड़ा, उनमें घोरी, कुतुबुद्दीन ऐबक, इल्तुतमिश, रजिया सुल्ताना, बलबन, खिलजी, तुगलक और मुगल जैसे हमलावर भी शामिल हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि आज वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण भाजपा सरकार ने ही किया है, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में आसानी हो रही है। भाजपा सरकार जनता के हित में कार्य कर रही है, लेकिन विपक्ष जानबूझकर जनता के बीच में गलत जानकारी फैला रहा है, इसलिए अब जनता ने भी इन पर विश्वास करना बंद कर दिया है।

एसपी सिंह बघेल ने कहा कि पहले जब हम लोग काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए जाते थे तो संकरी-संकरी गलियों में परेशानी होती थी और लोग ठीक से दर्शन नहीं कर पाते थे, लेकिन अब रोजाना एक लाख श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं और कोई परेशानी नहीं हो रही है। इसी तरह महाकाल उज्जैन सहित कई मंदिरों में निर्माण कार्य किया गया है।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने विधायकों से पौराणिक मंदिरों के बारे में जानकारी लेते रहते हैं और उनका जीर्णोद्धार कराते हैं। मेरे घर से 200 मीटर दूर एक मंदिर का भी जीर्णोद्धार कराया गया है। मेरा मानना है कि सरकार सही काम कर रही है। इसमें किसी को भी परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इतिहास जानता है कि एक हजार साल में किसने मंदिर तोड़े हैं और उनको दूसरी रूप में बदला है। भाजपाई सनातन के उपासक हैं और सनातन के लिए ही कार्य करते हैं। इसलिए अखिलेश यादव चाहे कोई भी आरोप लगाएं, जनता उन पर विश्वास नहीं करती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार सभी धर्मों को साथ लेकर चलने का कार्य कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें ध्यान रखना चाहिए कि राजनीतिक बयानों का उद्देश्य केवल चुनावी लाभ नहीं होना चाहिए, बल्कि सच्चाई को उजागर करना भी आवश्यक है। विपक्ष और सरकार दोनों को अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन तथ्यों के आधार पर। हमें हमेशा देशहित को प्राथमिकता देनी चाहिए।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा शासन में जितने पौराणिक मंदिर तोड़े गए हैं, उतने किसी ने नहीं तोड़े।
एसपी सिंह बघेल ने क्या प्रतिक्रिया दी?
एसपी सिंह बघेल ने कहा कि विपक्ष गलत जानकारी फैला रहा है और उन्होंने इतिहास के कुछ हमलावरों का उल्लेख किया।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का क्या महत्व है?
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण श्रद्धालुओं को दर्शन करने में सुविधा प्रदान करता है।
योगी आदित्यनाथ का मंदिरों के प्रति क्या दृष्टिकोण है?
योगी आदित्यनाथ अपने विधायकों से मंदिरों के जीर्णोद्धार के बारे में जानकारी लेते हैं।
क्या जनता ने अखिलेश यादव पर विश्वास करना बंद कर दिया है?
एसपी सिंह बघेल के अनुसार, जनता ने विपक्ष पर विश्वास करना बंद कर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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