मनसे की रेलवे को 15 दिन का अल्टीमेटम: दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन न चली तो रोकेंगे यूपी-बिहार ट्रेनें

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मनसे की रेलवे को 15 दिन का अल्टीमेटम: दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन न चली तो रोकेंगे यूपी-बिहार ट्रेनें

सारांश

मुंबई में मनसे ने रेलवे को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। यदि दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन नहीं चलाई गई, तो यूपी और बिहार जाने वाली ट्रेनें रोकी जाएंगी। जानिए इस मुद्दे पर मनसे की क्या है योजना।

मुख्य बातें

मनसे ने रेलवे को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन की बहाली की मांग।
यूपी और बिहार की एक्सप्रेस ट्रेनों को रोकने की चेतावनी।
कोंकणवासियों को हो रही परेशानियों का जिक्र।
मनसे का राजनीतिक दृष्टिकोण और नारा।

मुंबई, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने रेलवे प्रशासन को सख्त चेतावनी देते हुए १५ दिन का अल्टीमेटम जारी किया है। पार्टी का कहना है कि अगर मुंबई के दादर से रत्नागिरी जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को पुनः दादर तक नहीं चलाया गया तो उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों को रोक दिया जाएगा।

मनसे के नेताओं ने मंगलवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन पहले दादर से सीधे रत्नागिरी तक चलती थी, जिससे कोंकण क्षेत्र के लाखों यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलती थी। लेकिन कोरोना काल में इसे अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। बाद में ट्रेन शुरू हुई, लेकिन इसे दादर तक बहाल नहीं किया गया, और अब इसे ठाणे जिले के दिवा स्टेशन तक सीमित कर दिया गया है।

इस निर्णय से कोंकणवासियों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को अब दादर के बजाय पहले दिवा जाना पड़ता है और फिर वहां से ट्रेन पकड़नी पड़ती है। मनसे का आरोप है कि रेलवे ने बिना पर्याप्त कारण बताए यह बदलाव किया और लगातार की गई मांगों को नजरअंदाज किया गया है।

मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कहा, “अगर १५-२० दिनों के भीतर दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन को मूल रूप से दादर से शुरू नहीं किया गया तो हम यूपी और बिहार जाने वाली सभी एक्सप्रेस ट्रेनों को रोकने के लिए मजबूर होंगे।” पार्टी ने चेतावनी दी कि यह आंदोलन कोंकण के लोगों के अधिकार की लड़ाई है और इसे किसी भी कीमत पर जारी रखा जाएगा।

वर्तमान में दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन का स्लॉट दादर-गोरखपुर एक्सप्रेस को स्थायी रूप से दे दिया गया है, जिससे विवाद और बढ़ गया है। कोंकण यात्रियों का कहना है कि रेलवे उत्तर भारतीय यात्रियों को प्राथमिकता दे रही है और स्थानीय लोगों की सुविधाओं को नजरअंदाज कर रही है।

मनसे का यह रुख एक बार फिर उत्तर भारतीयों और हिंदी भाषा के मुद्दे को केंद्र में ला रहा है। पार्टी प्रमुख राज ठाकरे के नेतृत्व में मनसे लंबे समय से 'महाराष्ट्र मराठी माणसों का' का नारा देती आ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनसे ने रेलवे को कितना समय दिया है?
मनसे ने रेलवे को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है।
यदि मांगें नहीं मानी गईं तो मनसे क्या करेगी?
यदि दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन को नहीं चलाया गया, तो मनसे यूपी और बिहार की एक्सप्रेस ट्रेनों को रोकने का निर्णय लेगी।
कोंकणवासियों को इस निर्णय से क्या परेशानी हो रही है?
कोंकणवासियों को दादर के बजाय दिवा जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ रही है, जिससे उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
मनसे का आरोप क्या है?
मनसे का आरोप है कि रेलवे ने बिना पर्याप्त कारण बताए दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन को सीमित किया है।
मनसे का नारा क्या है?
मनसे का नारा 'महाराष्ट्र मराठी माणसों का' है।
राष्ट्र प्रेस
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