माता खीर भवानी यात्रा 2025: नगरोटा से ~200 बसों में रवाना हुए श्रद्धालु, कड़े सुरक्षा इंतजाम
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर में 20 जून 2025 को सालाना माता खीर भवानी मेले के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु नगरोटा स्थित पुराने टोल पोस्ट से लगभग 200 बसों में सवार होकर रवाना हुए। इस वर्ष तीर्थयात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
रवानगी का दृश्य और श्रद्धालुओं का उत्साह
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक देवयानी राणा ने नगरोटा में श्रद्धालुओं का स्वागत किया और यात्रा को भावुक अनुभव बताया। उन्होंने कहा, 'यह हमारा सौभाग्य है कि माता खीर भवानी जी के दर्शन के लिए जाने वाले हमारे सभी श्रद्धालु भाई-बहन कोल कंडोली माता मंदिर के पास स्थित नगरोटा के पुराने टोल पोस्ट से रवाना हो रहे हैं। मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है कि हम यहां भी अपनी सेवा दे पा रहे हैं।'
राणा ने पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अधिक भीड़ का उल्लेख करते हुए कहा, 'इस बार बढ़-चढ़कर लोग मंदिर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। यह दृश्य हमारे लिए भावुक करने जैसा है। उम्मीद करती हूं कि सभी तीर्थयात्रियों की मनोकामनाएं माता रानी पूरे करे।'
श्रद्धालुओं की आस्था और अनुभव
यात्रा पर जा रहे तीर्थयात्रियों में उत्साह स्पष्ट दिखा। एक श्रद्धालु ने कहा, 'हमें इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है। हम इसी खुशी में पूरी रात सोए नहीं कि कल माता खीर भवानी जाना है। हमने माता रानी के दरबार में जाने के लिए पूजा सामग्री खरीदी।' पहली बार यात्रा पर जा रही एक महिला श्रद्धालु ने भी खुशी जाहिर की।
गौरतलब है कि एक अनुभवी महिला तीर्थयात्री ने पिछले वर्षों से तुलना करते हुए इस बार की व्यवस्थाओं को बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि भीड़ अधिक होने के बावजूद इंतजाम संतोषजनक हैं।
सुरक्षा व्यवस्था
जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीआईजी श्रीधर पाटिल ने बताया, 'हमने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। हर साल की तरह, इस साल भी यात्रा का जत्था यहां से रवाना हो रहा है। यात्रियों के लिए सबसे अच्छी जो व्यवस्थाएं हो सकती हैं, उन्हें करने की हमने पूरी कोशिश की है।'
राहत आयुक्त डॉ. अरविंद करवानी ने भी निगरानी बढ़ाने की पुष्टि की और यात्रा के सुरक्षित व सुचारू रूप से संपन्न होने की उम्मीद जताई। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में धार्मिक पर्यटन और तीर्थयात्राओं को प्रशासनिक प्राथमिकता दी जा रही है।
माता खीर भवानी का महत्व
माता खीर भवानी मंदिर श्रीनगर के निकट तुलमुल्ला गांव में स्थित है और कश्मीरी पंडित समुदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ज्येष्ठ अष्टमी के अवसर पर आयोजित यह वार्षिक मेला हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को एकत्र करता है। इस वर्ष की बढ़ी हुई भागीदारी को क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति की बहाली के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
आगे क्या
प्रशासन और सुरक्षा बलों के समन्वय के साथ यात्रा का संचालन जारी रहेगा। अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों और दिशानिर्देशों का पालन करें ताकि यात्रा सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहे।