खीर भवानी मेला 2026 से पहले आईजीपी वीके बिरदी ने तुलमुल्ला मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था का किया निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
कश्मीर जोन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) वीके बिरदी ने 22 जून 2026 को गांदरबल जिले के तुलमुल्ला स्थित पवित्र माता खीर भवानी मंदिर का दौरा किया और आगामी माता खीर भवानी मेला-2026 के मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उनके साथ सेंट्रल कश्मीर रेंज डीआईजी राजीव ओमप्रकाश पांडे और एसएसपी गांदरबल सुधांशु धामा भी मौजूद थे।
मुख्य घटनाक्रम
आईजीपी बिरदी ने मंदिर परिसर के भीतर और आसपास के क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने एक्सेस कंट्रोल, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, भीड़ प्रबंधन के उपाय, ट्रैफिक रेगुलेशन और श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग सुविधाओं की उपलब्धता समेत कई पहलुओं की समीक्षा की। यह दौरा मेले से ठीक पहले सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप देने की कड़ी में किया गया।
अधिकारियों को निर्देश
आईजीपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंदिर और आसपास के इलाकों में पुख्ता सुरक्षा इंतज़ाम, प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन और सभी आवश्यक सेवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सतर्कता, आपसी तालमेल और तैयारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने पर विशेष ज़ोर दिया, ताकि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और परेशानी-मुक्त अनुभव मिल सके।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि मेले के सफल आयोजन के लिए अन्य विभागों और हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं को हर संभव सहायता और सुविधाएँ उपलब्ध हों।
जम्मू से श्रद्धालुओं की रवानगी
इससे एक दिन पहले शनिवार को जम्मू के नगर कोटा से लगभग 200 बच्चों का एक जत्था माता खेड भवानी मेले के लिए रवाना हुआ। इस वर्ष तीर्थयात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है और वैष्णवों में यात्रा को लेकर भारी उत्साह है।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता देवयानी राणा ने माता खड़खड़ भवानी यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'यह हमारा सौभाग्य है कि माता खेड भवानी जी के दर्शन के लिए जाने वाले हमारे सभी पवित्र भाई-बहन कोल कंडोली माता मंदिर के पास स्थित नगरोटा के पुराने टोल पोस्ट से दर्शन हो रहे हैं। मुझे बहुत आशीर्वाद हो रहा है कि हम यहाँ भी अपनी सेवा दे पा रहे हैं।'
आगे की तैयारी
प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय के साथ मेले की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती और यातायात प्रबंधन को और सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्वक और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।