11 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या मतदान मौलिक अधिकार है, जिसे कोई हड़प सकता है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या मतदान मौलिक अधिकार है, जिसे कोई हड़प सकता है?

सारांश

बिहार में मतदान पुनरीक्षण के विरोध में महागठबंधन ने चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। मंगनी लाल मंडल ने कहा कि मतदान करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। क्या यह सही है कि इसे कोई हड़प सके? जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर क्या कहना है नेताओं का।

मुख्य बातें

मतदान करना मौलिक अधिकार है।
महागठबंधन ने चक्का जाम का निर्णय लिया है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।
राजद का आरोप है कि वोटों के अधिकार पर डाका डाला जा रहा है।

पटना, 7 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने सोमवार को कहा कि जनता का मतदान करना मौलिक अधिकार है और कोई इसे हड़प नहीं सकता। मतदान पुनरीक्षण के खिलाफ यह लड़ाई वास्तव में जनता की लड़ाई है। 9 जुलाई को महागठबंधन पूरे बिहार में चक्का जाम करेगा। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी पटना आएंगे।

राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने कहा, "अब हमारे पास और क्या विकल्प है? यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रदर्शन करना, जुलूस निकालना। हमने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की है। गठबंधन की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 10 जुलाई को सुनवाई होनी है।"

उन्होंने कहा कि यह जनता की लड़ाई है। भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड बिहार में चुनाव हार रहे हैं, हवा उनके खिलाफ है, इसलिए इलेक्शन कमीशन को हथकंडे के रूप में इस्तेमाल करने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि जो अन्याय हो रहा है और वोटों के अधिकार पर डाका

उन्होंने कानून-व्यवस्था पर कहा कि उद्योगपति गोपाल खेमका के पुत्र की हत्या हुई थी। उस समय भी एनडीए की ही सरकार थी। क्या उन्हें न्याय मिला? गोपाल खेमका सामाजिक व्यक्ति थे। बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। यह जंगलराज नहीं, बल्कि महाजंगलराज है।

इससे पहले महागठबंधन की संयुक्त प्रेस वार्ता में बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और महागठबंधन समन्वय समिति के प्रमुख तेजस्वी यादव ने बिहार में कराए जा रहे मतदाता पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग से इस प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग करते हुए कहा कि चुनाव के बाद इसे शुरू किया जाए, ताकि लोकतंत्र की गरिमा और जनता का विश्वास बना रहे। इस मुद्दे को लेकर कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि मतदान का अधिकार हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। लोकतंत्र की नींव इसी पर टिकी है। इसलिए, इस मुद्दे पर हर नागरिक की आवाज़ महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मतदान का अधिकार क्या है?
मतदान का अधिकार हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, जिससे वह अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकता है।
महागठबंधन का चक्का जाम का क्या उद्देश्य है?
महागठबंधन का चक्का जाम का उद्देश्य मतदान पुनरीक्षण के खिलाफ आवाज उठाना और जनता के अधिकारों की रक्षा करना है।
राजद का क्या कहना है?
राजद का कहना है कि मतदान का अधिकार किसी भी हाल में हड़प नहीं किया जा सकता और यह जनता की लड़ाई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 8 महीने पहले
  2. 9 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 12 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले