यमुना नदी में पर्यटकों से भरी नाव पलटी, मथुरा में ६ श्रद्धालुओं की मौत
सारांश
Key Takeaways
- मथुरा में यमुना नदी में पर्यटकों से भरी नाव पलट गई।
- इस हादसे में ६ श्रद्धालुओं की जान गई।
- लगभग १ दर्जन लोग लापता हैं।
- प्रधानमंत्री कार्यालय ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
- स्थानीय प्रशासन का बचाव कार्य जारी है।
नई दिल्ली/मथुरा, १० अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी के पास पीपा के पुल के समीप पर्यटकों से भरी एक नाव पलट गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में ६ श्रद्धालुओं की जान चली गई है, जबकि लगभग एक दर्जन लोग लापता हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने इस घटना पर गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
पीएमओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि मथुरा में नाव पलटने की घटना से अत्यंत दुखी हूं। जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावितों की सहायता कर रहा है।
मथुरा के जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि पंजाब के लुधियाना से आए श्रद्धालुओं को ले जा रही एक नाव यमुना में पलट गई, जिससे यह दुखद घटना घटी। अब तक छह शव बरामद किए जा चुके हैं, और बचाव कार्य जारी है।
उन्होंने कहा, "शुक्रवार को दोपहर लगभग २:४५ बजे यमुना नदी में एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ। लुधियाना से लगभग ३० लोग आए थे और नदी में दो नावों पर नौका विहार कर रहे थे। यह घटना केसी घाट के पास हुई, जहाँ एक नाव डूब गई। अब तक छह शवों को निकाला जा चुका है, जबकि लगभग १६-१७ लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।"
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मथुरा में नाव पलटने से हुई जनहानि अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। शोक संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान दें और घायलों को जल्दी स्वास्थ्य लाभ दें। ॐ शांति।
वहीं, समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल ने 'एक्स' पर कहा कि भाजपा सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण मथुरा में यह हादसा हुआ है, जिससे कई लोगों की जान गई और कई लापता हैं। मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि और परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की गईं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों को भाजपा ने व्यवसायीकरण कर दिया है, जिसके कारण अव्यवस्था, कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के चलते इस तरह के हादसे होते हैं।