16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मायावती ने अंबेडकर जयंती पर दी श्रद्धांजलि, सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति का कारवां जारी रहेगा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मायावती ने अंबेडकर जयंती पर दी श्रद्धांजलि, सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति का कारवां जारी रहेगा

सारांश

लखनऊ में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर मायावती ने श्रद्धासुमन अर्पित किया। उन्होंने बाबा साहेब के उद्देश्यों के प्रति सरकारों की असफलता पर चिंता जताई और सामाजिक परिवर्तन का कारवां आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

मुख्य बातें

भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल को मनाई जाती है।
मायावती ने बाबा साहेब के उद्देश्यों पर ध्यान केंद्रित किया।
सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति का कारवां आगे बढ़ेगा।

लखनऊ, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत रत्न और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती का पर्व उत्तर प्रदेश सहित पूरे भारत में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर दलितों की नेता और बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने निवास पर डॉ. अंबेडकर को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने इस मौके पर समर्थकों और कार्यकर्ताओं के लिए एक संदेश भी जारी किया।

मायावती ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि देश की सरकारें बाबा साहेब के सर्वजन-हितैषी और समतामूलक संविधान के उद्देश्यों को ईमानदारी से लागू करतीं, तो आज भारत एक सशक्त, आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभर चुका होता और गरीबी, बेरोजगारी, भेदभाव और अन्याय से मुक्त होता।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, "विशाल जनसंख्या वाले अपने भारत देश में 'बहुजन समाज' के मसीहा, भारतरत्न बोधिसत्व परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को आज उनकी जयंती पर प्रातः शत्-शत् नमन, पुष्पांजलि एवं अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए बसपा के सभी लोगों का तहेदिल से आभार।"

बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा, "सभी जानते हैं कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन गरीबों, उपेक्षितों और शोषितों के उत्थान के लिए संघर्ष में व्यतीत हुआ। उन्होंने संविधान में इस सुरक्षा और सम्मान की गारंटी दी। यदि केंद्र और राज्य सरकारें उनके संविधान के उद्देश्यों को सही ढंग से पूरा करतीं, तो भारत आज तक आत्मनिर्भर और विकसित देश बन चुका होता। यदि ऐसा नहीं हो सका, तो इसका उत्तर तलाशने पर बाबा साहेब का 'सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति' का कारवां चुनावी सफलता के साथ आगे बढ़ेगा।"

इस अवसर पर बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने कहा, "बाबासाहेब की जयंती पर सभी नागरिकों को शुभकामनाएं। गोमती नगर में डॉ. आंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर भव्य आयोजन किया जा रहा है। बहुजन समाज पार्टी हर साल इस जयंती को मनाती है, जबकि अन्य दलों की तरफ से केवल दिखावे का आयोजन किया जाता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास की दिशा में सरकारों की जिम्मेदारी को भी दर्शाती है। मायावती का यह संदेश एक बार फिर यह बताता है कि हमें बाबा साहेब के विचारों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती कब मनाई जाती है?
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती हर वर्ष 14 अप्रैल को मनाई जाती है।
मायावती ने इस जयंती पर क्या कहा?
मायावती ने इस अवसर पर बाबा साहेब के उद्देश्यों को पूरा करने में सरकारों की असफलता पर चिंता जताई।
बसपा हर साल इस जयंती को क्यों मनाती है?
बसपा हर साल इस जयंती को बाबा साहेब के योगदान को सम्मानित करने और उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए मनाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले