दिल्ली के मयूर विहार में जुआ रैकेट का भंडाफोड़: 17 गिरफ्तार, QR कोड से होती थी वसूली
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार स्थित इंदिरा कैंप इलाके में पूर्वी जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने 23 मई 2026 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एक अवैध सार्वजनिक जुआ रैकेट का भंडाफोड़ किया और 17 आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, यह रैकेट गाजियाबाद-आधारित 'नंबर सट्टा' नेटवर्क के ज़रिए झुग्गी क्षेत्र में संगठित रूप से संचालित हो रहा था।
छापेमारी का घटनाक्रम
एसीपी (ऑपरेशंस) पवन कुमार और इंस्पेक्टर जितेंद्र मलिक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इंदिरा कैंप क्षेत्र में दबिश दी। छापे के दौरान आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सभी 17 लोगों को मौके पर ही काबू कर लिया। यह कार्रवाई अवैध जुआ और सट्टा गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।
बरामदगी और डिजिटल कनेक्शन
छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक QR कोड, दो जुआ रजिस्टर, दो डायरी, हाथ से लिखे सट्टा पर्चे और ₹8,891 नकद बरामद किए। अधिकारियों ने बताया कि जुआ की रकम डिजिटल माध्यम से QR कोड के ज़रिए भी वसूली जा रही थी — जो इस तरह के पारंपरिक सट्टा नेटवर्क में डिजिटल भुगतान के बढ़ते चलन को दर्शाता है।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में थाना मयूर विहार में एफआईआर संख्या 206/2026 दर्ज की गई है, जो दिल्ली पब्लिक गैंबलिंग एक्ट की धारा 3/4/5 के तहत है। गिरफ्तार आरोपियों में त्रिलोकपुरी, मंगोलपुरी, चिल्ला गांव और आसपास के इलाकों के निवासी शामिल हैं, जो रिक्शा चालक, मजदूर, पेंटर, विक्रेता और अन्य छोटे व्यवसायों से जुड़े हैं।
जांच की दिशा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस रैकेट के पीछे कोई बड़ा सट्टा गिरोह सक्रिय है या नहीं। पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि इस तरह के झुग्गी-केंद्रित सट्टा नेटवर्क अक्सर बड़े अंतर-राज्यीय गिरोहों से जुड़े होते हैं, जिनकी तह तक पहुंचना पुलिस के लिए प्राथमिकता होगी।