मेघालय: गारो हिल्स परिषद चुनावों में अनुसूचित जनजाति मतदाताओं के लिए अलग मतदाता सूची को मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के राज्यपाल सीएच विजयशंकर ने चुनाव नियमों में संशोधन को अपनी सहमति दे दी है, जिसके तहत गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) के आगामी चुनाव अब केवल अनुसूचित जनजाति (एसटी) मतदाताओं की अलग मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएंगे। 30 सितंबर 2026 को अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गैर-जनजातीय मतदाताओं को परिषद की मतदाता सूची से पूरी तरह बाहर रखा जाएगा। अब मेघालय सरकार द्वारा जीएचएडीसी (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 को राज्य राजपत्र में अधिसूचित किए जाने की प्रक्रिया शेष है।
संशोधन में क्या बदलाव हुए
संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत नियम 8 जीएचएडीसी चुनावों में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के लिए अनुसूचित जनजाति का होना अनिवार्य योग्यता के रूप में स्थापित करता है। नियम 128 एसटी मतदाताओं की पात्रता निर्धारित करता है, जबकि नियम 129 जीएचएडीसी चुनावों के लिए एक स्वतंत्र मतदाता सूची का प्रावधान करता है।
ये संशोधन असम और मेघालय स्वायत्त जिले (जिला परिषदों का गठन) नियम, 1951 में परिवर्तन के रूप में प्रभावी होंगे। इस नई व्यवस्था से विधानसभा मतदाता सूची के उपयोग की मौजूदा प्रथा समाप्त हो जाएगी, जो अब तक परिषद चुनावों में अपनाई जाती रही थी।
मुख्य घटनाक्रम और पृष्ठभूमि
राज्यपाल ने 6 अगस्त को संशोधन विधेयक को परिषद में प्रस्तुत करने की अनुमति दी थी, जिसके बाद जीएचएडीसी ने 10 अगस्त को संशोधन विधेयक पारित किया। इससे पहले परिषद ने 23 मार्च को नियम 8 में संशोधन पारित किया था। यह पूरी विधायी प्रक्रिया मेघालय हाई कोर्ट के उस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद प्रारंभ हुई, जिसमें जीएचएडीसी की एक पूर्व कार्यकारी अधिसूचना — जो उम्मीदवारों के लिए अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र अनिवार्य करती थी — को रद्द कर दिया गया था।
न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि ऐसी कोई भी आवश्यकता कार्यकारी अधिसूचना से नहीं, बल्कि निर्धारित नियम-निर्माण प्रक्रिया के माध्यम से ही लागू की जा सकती है। इस कानूनी झटके के बाद जीएचएडीसी ने मई 2025 में चुनाव प्रावधानों की जांच और अलग मतदाता सूची की व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए एक विशेष समिति गठित की थी।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने स्वदेशी समुदायों के अधिकारों की रक्षा करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि शासन और नीति-निर्माण उन्हीं समुदायों के प्रति जवाबदेह रहने चाहिए, जिनकी सेवा के लिए ये संस्थाएं अस्तित्व में आई हैं।
आम जनता और जनजातीय समुदाय पर असर
इस संशोधन का सीधा असर गारो हिल्स क्षेत्र के जनजातीय और गैर-जनजातीय निवासियों दोनों पर पड़ेगा। जहाँ एसटी मतदाताओं को परिषद चुनाव में भागीदारी का विशेष अधिकार मिलेगा, वहीं गैर-जनजातीय मतदाता इन चुनावों में मतदान करने में सक्षम नहीं रहेंगे। यह बदलाव स्वायत्त जिला परिषदों के मूल उद्देश्य — जनजातीय स्वशासन — को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि यह घटनाक्रम जीएचएडीसी के अगले चुनावों की तारीखों को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच आया है। राज्य राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद ही नया नियामक ढाँचा पूरी तरह लागू होगा, जिसके बाद चुनाव आयोग नई प्रक्रिया के अनुसार मतदाता सूची तैयार करने की कार्यवाही शुरू कर सकेगा।