उत्तर 24 परगना: नाबालिग सौतेली बेटी के अपहरण-यौन उत्पीड़न का आरोपी सात महीने बाद ओडिशा से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में अपनी नाबालिग सौतेली बेटी का अपहरण कर यौन उत्पीड़न करने के आरोप में करीब सात महीने से फरार एक व्यक्ति को पुलिस ने ओडिशा से गिरफ्तार किया है। 26 सितंबर 2026 को पूरी हुई इस कार्रवाई के दौरान पीड़ित नाबालिग को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया। यह मामला बशीरहाट क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ पीड़िता की माँ ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले का पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने पड़ोस में रहने वाली एक महिला से विवाह किया था और वह उस महिला तथा उसकी पिछली शादी से हुई नाबालिग बेटी के साथ रह रहा था। कथित तौर पर आरोपी ने महिला की जानकारी के बिना नाबालिग को अपने साथ लेकर फरार होने की साजिश रची। घटना के उजागर होने के बाद पीड़िता की माँ ने नज़दीकी पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया।
दर्ज धाराएँ और कानूनी प्रक्रिया
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपहरण और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 समेत विभिन्न गैर-ज़मानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी पर नाबालिग के यौन उत्पीड़न सहित कई गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़िता का गोपनीय बयान भी दर्ज किया है।
ओडिशा तक पहुँची जाँच
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश में विशेष जाँच दल गठित किया। तकनीकी सुरागों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर आरोपी का ओडिशा में ठिकाना पता चला। पुलिस की विशेष टीम ने वहाँ छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग को सुरक्षित बरामद किया। गिरफ्तारी के बाद पीड़िता की मेडिकल जाँच भी कराई गई।
अदालत में पेशी
आरोपी को बशीरहाट सब-डिविज़नल कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जाँच जारी रखे हुए है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि इस पूरे प्रकरण में किसी अन्य व्यक्ति की भी संलिप्तता थी या नहीं।
आगे की कार्यवाही
जाँच एजेंसियाँ आरोपी के नेटवर्क और उन परिस्थितियों की जाँच कर रही हैं जिनमें वह सात महीने तक पुलिस से बचता रहा। पॉक्सो मामलों में त्वरित सुनवाई की व्यवस्था के मद्देनज़र यह मामला विशेष अदालत में स्थानांतरित होने की संभावना है।