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हुगली के बांदेल में 13 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, यातना का वीडियो भेजकर परिवार से फिरौती माँगी

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हुगली के बांदेल में 13 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, यातना का वीडियो भेजकर परिवार से फिरौती माँगी

सारांश

पश्चिम बंगाल में एक और दिल दहला देने वाली घटना — 13 वर्षीय नाबालिग को बांदेल के होटल में नशीली दवा देकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया, और फिर उसी अपराध का वीडियो परिवार को भेजकर फिरौती माँगी गई। बागुईहाटी में POCSO मामला दर्ज, कोई गिरफ्तारी अब तक नहीं।

मुख्य बातें

उत्तर 24 परगना की एक 13 वर्षीय नाबालिग स्कूली छात्रा को कथित तौर पर 24 अक्टूबर 2026 को अगवा कर हुगली जिले के बांदेल के एक होटल में ले जाया गया।
पीड़िता को नशीली दवा मिला कोल्ड ड्रिंक पिलाकर बेहोश किया गया और कई लोगों ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया — शिकायत के अनुसार।
आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाकर पीड़िता की माँ को भेजा और फिरौती तथा कानूनी कार्रवाई न करने की धमकी दी।
बागुईहाटी पुलिस स्टेशन में 27 अक्टूबर 2026 को शिकायत दर्ज; POCSO , अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और जबरन वसूली की धाराएँ लगाई गईं।
अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं ; पुलिस सभी आरोपियों की तलाश में अभियान चला रही है।
नाबालिग की एक सहेली भी आरोपियों में शामिल — माँ की शिकायत के अनुसार।

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के बांदेल में उत्तर 24 परगना की एक 13 वर्षीय स्कूली छात्रा के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया और आरोपियों ने इस घटना का वीडियो बनाकर पीड़िता के परिवार को धमकाने तथा फिरौती माँगने के लिए भेजा। मामला मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को तब सामने आया जब पीड़िता की माँ ने कोलकाता के बागुईहाटी पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

घटनाक्रम: कैसे हुआ अपहरण

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कोलकाता के बागुईहाटी इलाके की रहने वाली नाबालिग लड़की शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे उत्तर 24 परगना के बिराती में एक परिचित से मिलने के लिए घर से निकली थी। शिकायत में आरोप है कि उसे बिराती से अगवा कर हुगली जिले के बांदेल स्थित एक होटल में ले जाया गया, जहाँ उसे जबरन नशीली दवा मिला कोल्ड ड्रिंक पिलाया गया और इसके बाद कथित तौर पर कई लोगों ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।

शाम तक बच्ची के न लौटने पर उसकी माँ ने रात करीब 8:30 बजे संपर्क किया। नाबालिग ने पहले बताया कि वह बैरकपुर में है और रात 11:00 बजे तक लौट आएगी — लेकिन इसके बाद उसके फोन पर कोई जवाब नहीं मिला।

रात भर की भटकन और संदिग्ध कॉल

उसी रात माँ को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें एक पुरुष ने दावा किया कि उसने बच्ची को सड़क पर रोते हुए पाया और अपने घर ले गया — इसके बाद कॉल अचानक काट दी गई। रविवार, 25 अक्टूबर को रात 12:06 बजे नाबालिग ने माँ को टेक्स्ट संदेश भेजा जिसमें उसने लिखा कि वह खतरे में है और एक दोस्त उसे 'रिक' नाम के एक व्यक्ति के घर ले गया है। इसके तुरंत बाद देबजीत सरकार नामक एक व्यक्ति ने माँ को फोन कर आश्वासन दिया कि बच्ची सुरक्षित है।

बच्ची रविवार सुबह करीब 10:30 बजे बेहद परेशान हालत में घर लौटी। परिवार द्वारा पूछताछ किए जाने पर उसने बताया कि उसे नशीली दवा दी गई, कई लोगों ने उसके साथ शारीरिक यातनाएँ और यौन उत्पीड़न किया और उसे जबरन गर्भनिरोधक गोलियाँ भी खिलाई गईं।

वीडियो भेजकर ब्लैकमेल और फिरौती की माँग

घटना तब और गंभीर रूप ले ली जब आरोपियों ने हमले का वीडियो बनाकर उसे पीड़िता की माँ को भेजा। इस वीडियो के ज़रिए आरोपियों ने परिवार से फिरौती माँगी और उन्हें कानूनी कार्रवाई न करने की धमकी दी। माँ ने अपनी शिकायत में कई लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें नाबालिग की एक सहेली भी शामिल है — जिस पर यह आरोप है कि वह इस साजिश में शामिल थी।

पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएँ

बागुईहाटी पुलिस स्टेशन ने अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, जबरन वसूली और बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम (POCSO) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस ने सभी आरोपियों की तलाश के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि राज्य में नाबालिगों के विरुद्ध यौन अपराध के मामलों में वृद्धि की चिंता कानून-प्रवर्तन एजेंसियों और नागरिक समाज दोनों के लिए एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है।

आगे की राह

पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा चुकी है और शीघ्र गिरफ्तारी की उम्मीद है। POCSO की धाराओं के तहत मामला दर्ज होने से अदालती प्रक्रिया में विशेष जाँच अधिकारी की नियुक्ति और फास्ट-ट्रैक अदालत में सुनवाई संभव है। पीड़िता को चिकित्सकीय और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान किए जाने की जानकारी भी अधिकारियों ने दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि POCSO के तहत तत्काल रिपोर्टिंग और त्वरित कार्रवाई अनिवार्य है। आरोपी अब तक फरार हैं और यह सवाल उठता है कि क्या राज्य का कानून-प्रवर्तन तंत्र नाबालिगों के प्रति अपराधों में उतनी ही सक्रियता दिखाता है जितनी आवश्यक है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुगली बांदेल नाबालिग दुष्कर्म मामला क्या है?
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के बांदेल में 24 अक्टूबर 2026 को उत्तर 24 परगना की एक 13 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। आरोप है कि उसे बिराती से अगवा कर एक होटल में नशीली दवा देकर बेहोश किया गया और कई लोगों ने उसका यौन उत्पीड़न किया।
आरोपियों ने फिरौती कैसे माँगी?
आरोपियों ने घटना का वीडियो बनाकर पीड़िता की माँ को भेजा और उसके ज़रिए फिरौती माँगी तथा कानूनी कार्रवाई न करने की धमकी दी। यह साजिश घटना के बाद रची गई — जो ब्लैकमेल और जबरन वसूली का संगठित स्वरूप दर्शाती है।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
बागुईहाटी पुलिस स्टेशन ने अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, जबरन वसूली और बाल यौन उत्पीड़न संरक्षण अधिनियम (POCSO) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। POCSO एक विशेष कानून है जो नाबालिगों के विरुद्ध यौन अपराधों में कड़ी सज़ा और फास्ट-ट्रैक सुनवाई का प्रावधान करता है।
क्या किसी आरोपी को गिरफ्तार किया गया है?
27 अक्टूबर 2026 तक कोई भी गिरफ्तारी या हिरासत नहीं हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों की तलाश के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है और आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।
पीड़िता की सहेली का मामले में क्या कनेक्शन है?
पीड़िता की माँ ने अपनी शिकायत में नाबालिग की एक सहेली को भी आरोपियों में शामिल किया है। आरोप है कि वह इस साजिश में शामिल थी और पीड़िता को आरोपियों तक पहुँचाने में उसकी भूमिका रही।
राष्ट्र प्रेस
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