भोपाल कारोबारी देवेंद्र मेहरा का शव चाचा के खेत में मिला, 13 दिन बाद हत्या की आशंका
सारांश
Key Takeaways
- देवेंद्र मेहरा (40 वर्ष) 17 अप्रैल को लंबखेड़ा, भोपाल से लापता हुए थे।
- शव 29 अप्रैल को धम्मरा-बेरेशिया रोड पर चाचा की जमीन के गड्ढे में मिला।
- CDR के अनुसार, आखिरी 3 कॉल चचेरे भाइयों मनोज मेहरा, कालूराम और साली मीराबाई को की गई थीं।
- भाई नारायण ने तीनों रिश्तेदारों पर साजिश का आरोप लगाया; मनोज ने कॉल से इनकार किया।
- गंगा थाना पुलिस ने संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू की; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार।
भोपाल के 40 वर्षीय व्यवसायी देवेंद्र मेहरा की 13 दिनों से चल रही तलाश बुधवार, 29 अप्रैल को उस समय दुखद रूप से समाप्त हुई, जब उनका शव धम्मरा-बेरेशिया रोड पर स्थित उनके चाचा की जमीन पर पानी से भरे एक गड्ढे में मिला। मध्य प्रदेश की राजधानी में यह मामला अब संदिग्ध हत्या की जांच में तब्दील हो चुका है।
मामले का घटनाक्रम
17 अप्रैल की सुबह देवेंद्र मेहरा अपने लंबखेड़ा स्थित आवास से यह कहकर निकले थे कि वह तंबाकू खरीदने जा रहे हैं। जब वह काफी देर तक नहीं लौटे, तो परिजनों ने ईंटखेड़ी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। देवेंद्र कोतवाली क्षेत्र में महिलाओं के हैंडबैग का खुदरा व्यवसाय करते थे।
इसके बाद पुलिस ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। डिजिटल फोरेंसिक की मदद से मृतक के मोबाइल फोन के अंतिम सिग्नल धम्मरा-बेरेशिया रोड पर स्थित एक खेत में ट्रेस किए गए, जो उनके चाचा की संपत्ति है।
शव की बरामदगी
बुधवार की सुबह परिवार के सदस्यों ने उस संपत्ति की तलाशी ली और गड्ढे के अंदर सड़ी-गली हालत में शव पाया। शव की खराब स्थिति के बावजूद, मौके पर मिले कपड़ों, मोबाइल फोन और चप्पलों के आधार पर देवेंद्र मेहरा की पहचान की गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और बाद में शोक संतप्त परिवार को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।
परिवार के आरोप और संदिग्ध
मृतक के बड़े भाई नारायण ने खुलेआम तीन रिश्तेदारों पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से पता चलता है कि देवेंद्र की आखिरी तीन फोन कॉल उनके चचेरे भाइयों — मनोज मेहरा और कालूराम — तथा दूर की साली मीराबाई से हुई थीं।
नारायण के अनुसार, मनोज ने देवेंद्र से बात करने से साफ इनकार किया है, जबकि CDR इन कॉलों की पुष्टि करता है। परिवार को यह भी संदेहास्पद लग रहा है कि मौत की सूचना मिलने के बाद भी तीनों में से कोई भी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा।
पुलिस जांच की स्थिति
गंगा थाना पुलिस ने संदिग्ध मौत का मामला दर्ज कर लिया है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मकसद और घटनाक्रम का पता लगाने के लिए डिजिटल साक्ष्यों और गवाहों के बयानों की जांच की जा रही है। यह मामला अब साधारण गुमशुदगी से आगे बढ़कर हत्या की संभावित जांच बन चुका है।
गौरतलब है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सटीक कारण स्पष्ट हो सकेगा, जो जांच की दिशा तय करेगी।