क्या मोहन भागवत की बातों में अस्पष्टता, नफरत और विभाजन की बात अस्वीकार्य है?

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क्या मोहन भागवत की बातों में अस्पष्टता, नफरत और विभाजन की बात अस्वीकार्य है?

सारांश

मोहन भागवत ने हाल ही में इस्लाम को लेकर विवादास्पद बयान दिया, जिस पर इमरान मसूद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भागवत की बातें हमेशा अस्पष्ट होती हैं और नफरत का प्रचार करती हैं। क्या इस तरह के बयानों से समाज में तनाव बढ़ रहा है? जानिए इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी।

Key Takeaways

  • मोहन भागवत का इस्लाम पर बयान विवादित है।
  • इमरान मसूद ने बयान को नफरत और विभाजन का प्रचारक बताया।
  • संविधान की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

नई दिल्ली, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत के हालिया बयान ने एक बार फिर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। मोहन भागवत ने कहा कि इस्लाम भारत में पहले दिन से है और रहेगा, और यह सोचना कि इस्लाम नहीं रहेगा, हिंदू सोच नहीं है।

उनके इस बयान पर कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "मोहन भागवत की बातों में हमेशा अस्पष्टता रहती है। वह नफरत और विभाजन की बात करते हैं। उनके लोग ही उनकी बातों का पालन नहीं करते। संभल की हालिया जनसंख्या रिपोर्ट पूरी तरह झूठी है, जो समाज में तनाव बढ़ाने का काम कर रही है। हमारा देश सभी को समान मानता है और अब हिंदू-मुस्लिम की बात को बंद करना होगा।"

मोहन भागवत ने कहा है कि राम मंदिर आंदोलन में संघ शामिल हुआ था लेकिन आगे किसी आंदोलन में संघ शामिल नहीं होगा। उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए इमरान मसूद ने कहा कि आरएसएस समर्थक वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को हड़पने की कोशिश कर रहे हैं और धर्मांतरण के नाम पर मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। जो सरासर गलत है।

मोहन भागवत के हिन्दू राष्ट्र वाले बयान पर उन्होंने कहा कि इस तरह की सोच उनकी हो सकती है। जो संविधान कहता है, उस बात में हम लोगों का भरोसा है और हम उसी के साथ आगे बढ़ेंगे।

गृह मंत्री अमित शाह की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर की गई टिप्पणी पर इमरान मसूद ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, "आपकी सरकार के लोग सोनिया गांधी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते थे, तब आपने क्या किया? पीएम मोदी को दस साल बाद भी बेचारा बनाना बंद करें। दस साल हो गए सरकार चलाते हुए अब तो इस बेचारगी से बाहर आ जाइए।"

नेशनल हेराल्ड मामले में अरविंद केजरीवाल के बयान पर मसूद ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।

Point of View

यह स्पष्ट है कि ऐसे बयान केवल समाज में तनाव को बढ़ाते हैं। हमें एकजुटता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए और सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। संविधान की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

मोहन भागवत का हालिया बयान किस विषय पर था?
मोहन भागवत ने इस्लाम को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया कि यह भारत में पहले दिन से है और रहेगा।
इमरान मसूद ने मोहन भागवत के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
इमरान मसूद ने कहा कि भागवत की बातें अस्पष्टता और नफरत को बढ़ावा देती हैं।
क्या आरएसएस भविष्य में किसी आंदोलन में शामिल होगा?
मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस आगे किसी आंदोलन में शामिल नहीं होगा।