चीन ने खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों की निंदा की

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चीन ने खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों की निंदा की

सारांश

चीन ने खाड़ी देशों में जारी हमलों को गंभीरता से लेते हुए इसकी निंदा की है। प्रवक्ता गुओ जियाकुन का कहना है कि आम नागरिकों और गैर-सैन्य स्थलों पर हमले बिल्कुल गलत हैं।

Key Takeaways

  • चीन ने खाड़ी देशों में हो रहे हमलों की निंदा की है।
  • इन हमलों में आम नागरिक और गैर-सैन्य स्थल प्रभावित हो रहे हैं।
  • ईरान ने अमेरिका और इजरायल से जुड़े लक्ष्यों पर हमले की योजना बनाई है।
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान से हमले बंद करने की अपील की है।
  • आईआरजीसी ने आम नागरिकों को बैंकों से दूर रहने की चेतावनी दी है।

बीजिंग, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चीन ने खाड़ी देशों में हो रहे हमलों की निंदा की है। उनका कहना है कि आम नागरिक और गैर-सैन्य स्थल इन हमलों की चपेट में आ रहे हैं, जो बिल्कुल भी उचित नहीं है, इसलिए चीन इससे असहमत है।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही।

प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों और महत्वपूर्ण इमारतों को लक्षित करना गलत है, इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। हालांकि, चीन ने अपने बयान में किसी विशेष देश का नाम नहीं लिया।

अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के बाद, ईरान अपने पड़ोसी देशों और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर हमले कर रहा है। इन हमलों में कई गैर-सैन्य स्थलों पर ड्रोन हमले भी हो रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग घायल हो चुके हैं या उनकी जान चली गई है।

इस बीच, ईरान ने यह कहा है कि वह देश में मौजूद अमेरिका और इजरायल से जुड़े बैंकों और आर्थिक स्थलों पर भी हमला कर सकता है। उनका कहना है कि यह उनके एक बैंक पर हुए हमले का जवाब होगा।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़े खातम अल-अनबिया मुख्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि दुश्मनों के हमले के बाद अब ईरान को जवाब देने का पूरा अधिकार है। उनका यह बयान स्टेट मीडिया द्वारा प्रसारित किया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजरायल से जुड़े बैंक और आर्थिक केंद्र ईरान के निशाने पर आ सकते हैं। आईआरजीसी ने आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे बैंकों के आसपास न जाएं और उनसे कम से कम १ किलोमीटर की दूरी बनाए रखें।

अमेरिका-इजरायल और ईरान के सैन्य संघर्ष के १२वें दिन, ईरान ने दावा किया है कि उसने इजरायल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला शुरू कर दिया है।

ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान अमेरिकी टेक कंपनियों के दफ्तरों और डेटा सेंटर्स पर भी हमला कर सकता है।

वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद बुधवार को एक प्रस्ताव पर वोटिंग करने जा रही है, जिसमें ईरान से अपील की गई है कि वह बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यूएई और जॉर्डन पर हमले बंद करे।

Point of View

जो क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। चीन का यह बयान, खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव को उजागर करता है। हमें इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहना चाहिए।
NationPress
17/03/2026

Frequently Asked Questions

चीन ने खाड़ी देशों में हो रहे हमलों के बारे में क्या कहा?
चीन ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि आम नागरिक और गैर-सैन्य स्थल इन हमलों में प्रभावित हो रहे हैं।
ईरान ने किन लक्ष्यों पर हमले करने की योजना बनाई है?
ईरान ने अमेरिका और इजरायल से जुड़े बैंकों और आर्थिक केंद्रों पर हमले करने की योजना बनाई है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस मामले में क्या कदम उठाया है?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान को खाड़ी देशों पर हमले बंद करने के लिए एक प्रस्ताव पर वोटिंग करने का निर्णय लिया है।
आईआरजीसी का क्या कहना है?
आईआरजीसी ने कहा है कि दुश्मनों के हमले के बाद, ईरान को जवाब देने का अधिकार है और आम नागरिकों को बैंकों से दूर रहने की चेतावनी दी है।
क्या यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है?
हाँ, यह स्थिति क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा हो सकती है।
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