प्रधानमंत्री मोदी ने मछुआरों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नई नीतियों की घोषणा की
सारांश
Key Takeaways
- मछुआरा समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 1400 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- सैटेलाइट तकनीक से मछुआरों की सुरक्षा में सुधार।
- मछुआरा समुदाय को मुख्यधारा में लाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
- केरलम के लोगों के लिए नई संभावनाओं का द्वार खुला है।
कोच्चि, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के कोच्चि में अखिल केरल धीवर सभा के स्वर्ण जयंती समारोह में हिस्सा लिया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में धीवर सभा ने मछुआरा समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए सतत प्रयास किए हैं।
पीएम मोदी ने कहा, "मलयाली लोग लंबे समय से केरल का नाम बदलकर केरलम रखने की मांग कर रहे थे। केंद्र में एनडीए सरकार द्वारा इसे मंजूरी मिलने के बाद मुझे आपके चेहरों पर खुशी नजर आती है। इस सुंदर राज्य को मलयाली संस्कृति के अनुसार उसका सही नाम मिल गया है। मैं केरलम के लोगों को बधाई देता हूँ।"
पीएम ने बताया, "हमें मत्स्य पालन में नई संभावनाओं को साकार करने और मछुआरों के जीवन स्तर में सुधार करने की आवश्यकता है। समुद्र से संबंधित अर्थव्यवस्था केवल पारंपरिक मछली पकड़ने तक सीमित नहीं है। मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर उभर रहे हैं। केरल में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान हमने मछुआरा समुदाय के प्रयासों को देखा। आपने फंसे हुए लोगों को बचाया और जरूरतमंदों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाई। इसलिए पूरा देश मछुआरा समुदाय के साहस और सेवा को सम्मानित करता है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारा संकल्प है कि केरलम के हर परिवार तक समृद्धि पहुंचे और केरलम की अर्थव्यवस्था नई ऊंचाइयों पर पहुंचे। पिछली सरकारों ने दशकों तक मछुआरा समुदाय की उपेक्षा की, लेकिन अब एनडीए सरकार उनकी प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार ने मछुआरा समुदाय की क्षमता और नीली अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका को पहचाना है। भाजपा-एनडीए सरकार ने मत्स्य पालन के लिए एक अलग मंत्रालय का गठन किया है। उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केरल के लिए लगभग 1400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।"
पीएम ने कहा, "समुद्र में जाने वाले मछुआरों की सुरक्षा भी हमारे लिए महत्वपूर्ण है। पहले हमारे मछुआरे भाई-बहन जब खुले समुद्र में जाते थे, तो उनके परिवार वाले उनकी वापसी तक चिंता और डर में रहते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं है। हमने सैटेलाइट के माध्यम से समुद्र में जाने वाले मछुआरों की सुरक्षा को और मजबूत किया है। तकनीक भी मछुआरा समुदाय की एक ताकत है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई है। इसके जरिए मछुआरे, व्यापारी और निर्यातक एक ही मंच पर पंजीकरण कर सकते हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना भी उनके लिए आसान हो गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमें मत्स्य पालन में नई संभावनाओं को साकार करने और मछुआरों के जीवन स्तर में सुधार करने की आवश्यकता है। मछुआरों के कल्याण के लिए अखिल केरल धीवर सभा का कार्य सराहनीय है और यह तटीय समुदायों को सशक्त बनाने के एनडीए के दृष्टिकोण के अनुरूप है।"