4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या मोहन भागवत ने नई शिक्षा नीति पर महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या मोहन भागवत ने नई शिक्षा नीति पर महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं?

सारांश

आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने नई शिक्षा नीति के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने भारतीय संस्कृति और भाषा के संरक्षण की आवश्यकता पर भी चर्चा की। जानें उन्होंने क्या कहा और क्यों यह नीति हमारे लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

नई शिक्षा नीति का उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली में सुधार करना है।
संस्कृत का ज्ञान आवश्यक है ताकि हम मूल स्रोतों को समझ सकें।
गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को मुख्यधारा में लाना चाहिए।
भारतीय साहित्य को पढ़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
समाज में सहयोग और एकता की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के व्याख्यानमाला कार्यक्रम ‘100 वर्ष की संघ यात्रा : नए क्षितिज’ का गुरुवार को अंतिम दिन रहा। इस दौरान आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने बताया कि नई शिक्षा नीति क्यों आवश्यक है।

मोहन भागवत ने कहा, "नई शिक्षा नीति इसलिए लागू की गई क्योंकि अतीत में विदेशी आक्रमणकारियों ने हम पर शासन किया था। उनके शासन का उद्देश्य इस देश का विकास नहीं, बल्कि उस पर नियंत्रण स्थापित करना था। अब जब हम स्वतंत्र हैं, तो हमारा लक्ष्य सिर्फ शासन करना नहीं, बल्कि अपने लोगों की सेवा करना है।"

उन्होंने कहा, "तकनीक और आधुनिकता का कोई विरोध नहीं है। जैसे-जैसे मानव ज्ञान बढ़ता है, नई तकनीकें आती हैं और उनका उपयोग मानवता के लाभ के लिए होना चाहिए। अगर कोई हानिकारक प्रभाव हैं, तो हमें उनसे बचना चाहिए।"

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि वैदिक काल के 64 महत्वपूर्ण पहलुओं को पढ़ाया जाना चाहिए और गुरुकुल शिक्षा को मुख्यधारा में लाना चाहिए। फिनलैंड के शिक्षा मॉडल के समान, हमें भी अपने छात्रों को मातृभाषा में शिक्षा देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि "संस्कृत सीखना आवश्यक है, क्योंकि यह हमें मूल स्रोतों से सही समझ प्रदान करता है।" मोहन भागवत ने इंगित किया कि हमें अंग्रेजी उपन्यास पढ़ने में कोई हर्ज नहीं है, लेकिन हमें प्रेमचंद जैसे भारतीय कहानीकारों को नहीं भूलना चाहिए।

उन्होंने कहा, "समाज में एकता और सहयोग की आवश्यकता है। हमें अपनी परंपराओं और मूल्यों की शिक्षा देनी चाहिए।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति एक नई जागरूकता का प्रतीक भी है। वे शिक्षा के आधुनिक दृष्टिकोण के साथ-साथ हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को भी महत्वपूर्ण मानते हैं।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नई शिक्षा नीति क्या है?
नई शिक्षा नीति भारत में शिक्षा प्रणाली में सुधार करने के लिए बनाई गई है, जो छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान करती है।
मोहन भागवत का क्या कहना है?
मोहन भागवत ने भारतीय संस्कृति और भाषा के महत्व पर जोर दिया और शिक्षा में वैदिक तत्वों को शामिल करने की बात की।
क्या अंग्रेजी उपन्यास पढ़ना सही है?
बिल्कुल, लेकिन हमें भारतीय साहित्य, जैसे प्रेमचंद की रचनाओं को भी पढ़ना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 10 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले