8 अक्टूबर 2026
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मध्य प्रदेश कांग्रेस का 8 अक्टूबर को 'काला दिवस' विरोध, राहुल-प्रियंका पर कथित लाठीचार्ज के खिलाफ

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मध्य प्रदेश कांग्रेस का 8 अक्टूबर को 'काला दिवस' विरोध, राहुल-प्रियंका पर कथित लाठीचार्ज के खिलाफ

सारांश

जंतर-मंतर मार्च के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर कथित पुलिस लाठीचार्ज के बाद कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को 'काला दिवस' घोषित किया। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्यभर में जिला-ब्लॉक स्तर तक विरोध का आह्वान किया — चुनाव आयोग जवाबदेही विवाद और गहराया।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 8 अक्टूबर 2026 को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया।
विरोध नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन के जंतर-मंतर मार्च के दौरान राहुल गांधी व प्रियंका गांधी वाड्रा पर कथित पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ है।
कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को भारतीय लोकतंत्र के लिए 'काला दिवस' घोषित किया।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सभी प्रदेश, जिला और ब्लॉक कांग्रेस समितियों को एक्स पर 'काला दिवस' मनाने का निर्देश दिया।
मार्च मतदाता सूची की अनियमितताओं पर चुनाव आयोग से जवाबदेही की माँग को लेकर था।
कथित लाठीचार्ज की स्वतंत्र पुष्टि नहीं; यह कांग्रेस का आरोप है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को पार्टी कार्यकर्ताओं से 8 अक्टूबर को राज्यभर में विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया। यह प्रदर्शन नई दिल्ली में एक विरोध मार्च के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य इंडिया गठबंधन सांसदों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में होंगे।

मुख्य घटनाक्रम

पटवारी ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर पर प्रदर्शन आयोजित करने की अपील की और 8 अक्टूबर को भारतीय लोकतंत्र के लिए 'काला दिवस' घोषित करने का ऐलान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य वरिष्ठ विपक्षी नेताओं पर लाठीचार्ज किया गया तथा उनके साथ 'बर्बर व्यवहार' किया गया, जिससे कई नेताओं को चोटें आईं।

पटवारी ने एक्स पर लिखा, 'लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों पर यह हमला संविधान पर हमला है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस दिन को भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिवस घोषित किया है।'

विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि

बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के सांसद जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे। यह मार्च मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग से जवाबदेही की माँग को लेकर था। कांग्रेस का दावा है कि मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण था, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका और बल प्रयोग किया।

गौरतलब है कि कांग्रेस हाल के हफ्तों में मतदाता सूची से जुड़ी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग के विरुद्ध अपना अभियान तेज़ कर रही है। यह मार्च उसी अभियान की एक कड़ी था।

पवन खेड़ा का राष्ट्रव्यापी आह्वान

पटवारी की अपील कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के उस संदेश के बाद आई है, जिसमें उन्होंने सभी प्रदेश कांग्रेस समितियों, जिला कांग्रेस समितियों और ब्लॉक कांग्रेस समितियों को 8 अक्टूबर को 'काला दिवस' मनाने का निर्देश दिया था। खेड़ा ने एक्स पर लिखा, 'यह दिल्ली पुलिस द्वारा नेता प्रतिपक्ष और अन्य वरिष्ठ विपक्षी सांसदों पर की गई कथित कार्रवाई के विरोध में होगा।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह कार्रवाई 'आरएसएस-भाजपा-ईसीआई गठजोड़' के इशारे पर की गई।

सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया

अभी तक केंद्र सरकार या दिल्ली पुलिस की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कथित लाठीचार्ज की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और इसे कांग्रेस के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

क्या होगा आगे

8 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में कांग्रेस के जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर पर प्रदर्शन होने की संभावना है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब आगामी राज्य चुनावों से पहले विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच टकराव तेज़ होता दिख रहा है। विपक्ष की एकता और चुनाव आयोग की जवाबदेही का मुद्दा राजनीतिक विमर्श में केंद्र में बना रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति है — चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करने और इंडिया गठबंधन की एकता प्रदर्शित करने का दोहरा मकसद। लेकिन 'बर्बर व्यवहार' और 'लाठीचार्ज' जैसे गंभीर आरोप अब तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं, और सरकार या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है — जो तस्वीर को एकतरफा बनाता है। मतदाता सूची की जवाबदेही एक वैध मुद्दा है, पर सड़क पर 'काला दिवस' का नाटक उस माँग को संस्थागत दबाव से हटाकर भावनात्मक राजनीति की ओर ले जाता है। असली सवाल यह है कि विपक्ष की यह रणनीति मतदाताओं के बीच कितनी विश्वसनीयता बना पाती है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

8 अक्टूबर को कांग्रेस का 'काला दिवस' विरोध क्यों है?
कांग्रेस ने 8 अक्टूबर 2026 को 'काला दिवस' घोषित किया है, क्योंकि 7 अक्टूबर को नई दिल्ली में जंतर-मंतर मार्च के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य इंडिया गठबंधन सांसदों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज हुआ। यह मार्च चुनाव आयोग से मतदाता सूची की जवाबदेही माँगने के लिए था।
मध्य प्रदेश में विरोध प्रदर्शन कहाँ-कहाँ होंगे?
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जिला, ब्लॉक और मंडल स्तर पर प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया है, यानी प्रदर्शन राज्यभर में होने की संभावना है।
राहुल गांधी का जंतर-मंतर मार्च किस मुद्दे पर था?
इंडिया गठबंधन के सांसद मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग से जवाबदेही की माँग करने के लिए जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे। कांग्रेस हाल के हफ्तों से इस मुद्दे पर अपना अभियान तेज़ कर रही है।
पवन खेड़ा ने 'काला दिवस' पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्स पर सभी प्रदेश, जिला और ब्लॉक कांग्रेस समितियों को 8 अक्टूबर 2026 को 'काला दिवस' मनाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह कार्रवाई 'आरएसएस-भाजपा-ईसीआई गठजोड़' के इशारे पर की गई।
क्या कथित लाठीचार्ज की पुष्टि हो गई है?
अब तक कथित लाठीचार्ज की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की ओर से लगाया गया आरोप है। केंद्र सरकार या दिल्ली पुलिस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अब तक सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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