जीतू पटवारी की छवि बिगाड़ने को AI पोस्टर: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने ADG को सौंपा ज्ञापन, FIR की मांग
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी की छवि धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया पर एक AI-जनरेटेड फर्जी पोस्टर प्रसारित किए जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने 7 जुलाई 2026 को भोपाल में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपा। पोस्टर में एक समाचार पत्र की पहचान का दुरुपयोग कर पटवारी के नाम से झूठा और भ्रामक कथन फैलाया गया बताया जा रहा है।
मुख्य आरोप और पोस्टर का स्वरूप
कांग्रेस के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित यह पोस्टर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया है। पोस्टर में एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र के नाम और लोगो का अनधिकृत उपयोग करते हुए जीतू पटवारी के नाम से ऐसा कथन जोड़ा गया है जो उन्होंने कभी नहीं कहा। कांग्रेस का कहना है कि यह सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान पटवारी की राजनीतिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने, जनता को भ्रमित करने और सामाजिक वैमनस्य फैलाने के इरादे से चलाया जा रहा है।
नामजद आरोपी और साइबर जांच की मांग
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जितेंद्र प्रताप सिंह, अजय सेंगर और रवि गुर्जर का नाम लेते हुए आरोप लगाया है कि इन तीनों की इस फर्जी पोस्टर के निर्माण, प्रसार और दुष्प्रचार में सक्रिय भूमिका रही है। प्रतिनिधिमंडल ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक से मामले की तत्काल साइबर जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की माँग की है।
कानूनी कार्रवाई की मांग
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। पार्टी का तर्क है कि यदि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई नहीं हुई, तो AI-आधारित फर्जी सामग्री के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया और राजनीतिक व्यक्तित्वों को बदनाम करने का सिलसिला थमेगा नहीं।
व्यापक संदर्भ: AI और राजनीतिक दुष्प्रचार
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में चुनावी मौसम के आसपास AI-जनरेटेड फर्जी सामग्री के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग दोनों ने डीपफेक और AI-निर्मित भ्रामक सामग्री पर चिंता जताई है, लेकिन व्यापक कानूनी ढाँचा अभी भी निर्माणाधीन है। मध्य प्रदेश में यह पहली बार नहीं है जब किसी राजनेता ने AI पोस्टर के जरिए छवि बिगाड़ने का आरोप लगाया हो, जो इस प्रवृत्ति की गंभीरता को रेखांकित करता है।
आगे क्या होगा
पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वह उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार करेगी। इस मामले के घटनाक्रम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।