युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़: जीतू पटवारी का गंभीर आरोप
सारांश
Key Takeaways
- युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
- दो भर्ती परीक्षाओं का एक ही दिन आयोजित होना अनुचित है।
- संविदा कर्मचारियों को उनके अधिकार नहीं मिल रहे हैं।
- राज्य सरकार को तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
- कांग्रेस पार्टी आंदोलन की तैयारी कर रही है।
भोपाल, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। इसी के चलते एक ही दिन में दो भर्ती परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है।
जीतू पटवारी ने प्रदेश में संविदा कर्मचारियों की स्थिति और युवाओं से संबंधित परीक्षा प्रबंधन के मुद्दे पर राज्य सरकार को कठोर आलोचना का सामना कराया है। उनका कहना था कि सरकार की नीतियों के कारण लाखों संविदा कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, और इसी समय युवाओं के भविष्य के प्रति भी लापरवाही बरती जा रही है।
पटवारी ने कहा कि संविदा नीति २०२३ के कार्यान्वयन की प्रगति से स्पष्ट होता है कि कर्मचारियों को अब तक उनके अधिकार नहीं मिले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में लगभग १.५ से २ लाख संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनके भविष्य को लेकर सरकार की सोच अस्पष्ट है। ग्रेच्युटी, अनुकंपा नियुक्ति और सामाजिक सुरक्षा जैसे अधिकारों का पूरी तरह से न मिलना चिंता का विषय है।
उन्होंने युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा और पुलिस विभाग में एमपीएसआई भर्ती की मुख्य परीक्षा का आयोजन २६ अप्रैल को एक ही दिन किया जाना अनुचित है। पटवारी ने कहा कि हजारों अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है और वे यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि किस परीक्षा में शामिल हों। यह निर्णय युवाओं को अपने भविष्य के दो महत्वपूर्ण अवसरों में से एक को छोड़ने के लिए मजबूर करता है।
पटवारी ने राज्य सरकार से मांग की है कि संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान मूलभूत सुविधाएं और सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, ग्रेच्युटी, अनुकंपा नियुक्ति और अन्य लाभों को तुरंत लागू किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि एमपीपीएससी और एमपीएसआई परीक्षाओं में से किसी एक की तिथि को तुरंत बदला जाए, ताकि छात्रों के साथ न्याय हो सके। यदि सरकार जल्दी ही इन मुद्दों पर ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो कांग्रेस पार्टी कर्मचारियों और युवाओं के साथ मिलकर प्रदेशभर में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।