मुख्तार अब्बास नकवी ने पीएम मोदी के इजरायल दौरे पर विपक्ष की प्रतिक्रियाओं की आलोचना की
सारांश
Key Takeaways
- मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष की प्रतिक्रियाओं को अनुचित बताया।
- उन्होंने कांग्रेस की स्थिति पर गंभीरता से टिप्पणी की।
- विदेश दौरे पर सवाल उठाना सही नहीं है, ऐसा उनका मानना है।
नई दिल्ली, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल दौरे पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाओं की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने बुधवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "यह पहली बार है जब हमारे प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर हैं और विपक्ष की ओर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। मैं इसे अनुचित मानता हूं। मेरा सीधा सवाल है कि जब कांग्रेस के शासन में उनका कोई प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर जाता था, तब क्या उस पर सवाल उठाए जाते थे? आज यह दुःखद है कि जब हमारे प्रधानमंत्री विदेश दौरे पर हैं, तो उस पर प्रतिक्रिया की बाढ़ आ गई है।"
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "अगर आपको प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे को लेकर सवाल उठाने हैं, तो संसद में कीजिए। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपको हर सवाल का जवाब मिलेगा।"
इसके अलावा, उन्होंने पीएम मोदी के इजरायल दौरे पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "यह विचित्र है। पहले ये लोग भारत में रहकर फतवे जारी करते थे, अब विदेश नीति पर ज्ञान देने लगे हैं।"
वहीं, केरल का नाम ‘केरलम’ कर दिए जाने पर भी भाजपा प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "यह सच है कि केरल एक बहुसांस्कृतिक सूबा है, जहां विभिन्न प्रकार की संस्कृतियां देखने को मिलती हैं। यदि उसका नाम केरल से केरलम कर दिया गया है, तो हमें इसका स्वागत करना चाहिए।"
उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा स्थिति पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "कल तक जो कांग्रेस खुद को ‘खिलाड़ी’ मानती थी, आज वो ‘अनाड़ी’ महसूस कर रही है। आज कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभाने में असमर्थ है।"
उन्होंने हाल ही में इंडिया इंपैक्ट समिट में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कांग्रेस को विपक्ष में रहने की आदत नहीं है। इन्हें यह नहीं पता कि विरोध प्रदर्शन कैसे किया जाता है। मेरा सुझाव है कि वे समाजवादी पार्टी से प्रशिक्षण लें।"
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "कांग्रेस को यह नहीं पता कि विरोध कैसे किया जाए, ये बार-बार हंसी का पात्र बनते जा रहे हैं। इसके अलावा, कांग्रेस और नफरत के बीच का अंतर भी नहीं समझती। प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनकी नाराजगी अब नफरत में बदल चुकी है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।"