क्या मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरे का किया निरीक्षण?

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क्या मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क स्थित रैन बसेरे का किया निरीक्षण?

सारांश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रैन बसेरे का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों से संवाद किया और गर्म कंबल तथा चाय वितरित की। यह पहल सर्दियों में उनकी सहायता के लिए की गई।

Key Takeaways

  • सरकार गरीबों और जरूरतमंदों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
  • मुख्यमंत्री ने कंबल एवं गर्म कपड़े वितरित किए।
  • रैन बसेरे में सुविधाओं की कोई कमी नहीं है।
  • सरकार की योजनाओं से कोई भी गरीब वंचित नहीं रहेगा।
  • सर्दियों में जरूरतमंदों की सहायता करना प्राथमिकता है।

भोपाल, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार की रात को भोपाल के तलैया क्षेत्र में स्थित यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क के रैन बसेरे का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां गरीबों, जरूरतमंदों, बेसहारा और रात्रि विश्राम करने आए राहगीरों से आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री ने सभी का हालचाल लिया और उन्हें अपने हाथों से गर्मागर्म चाय पिलाई, साथ ही सर्दी से बचने के लिए गर्म कंबल भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने रैन बसेरा जाते समय सबसे पहले पुलिस मुख्यालय के सामने लाल परेड ग्राउंड के गेट नम्बर 4 शौर्य द्वार में उपस्थित महिलाओं और बुजुर्गों से बात की, उनकी कुशलक्षेम जानी और सभी को कंबल दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव तलैया स्थित काली मंदिर पहुंचे और वहां बड़ी संख्या में उपस्थित सभी गरीबों और जरूरतमंदों को भी कंबल दिए। मुख्यमंत्री द्वारा पूछने पर एक जरूरतमंद ने बताया कि वह सब्जी बेचने भोपाल आए थे, सर्दी भी तेज है और रात भी हो गई है, तो अब वे इसी मंदिर परिसर में रात बिताएंगे। कुछ ने बताया कि वे किसी जरूरी काम से आए थे। केवल रात बिताने के लिए उन्होंने काली मंदिर परिसर में शरण ली है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रैन बसेरा पहुंचे, जहां उन्होंने रैन बसेरे में मौजूद सभी विश्रामकर्ताओं से आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि यहां कोई परेशानी तो नहीं है। विश्रामकर्ताओं ने कहा कि उन्हें यहां कोई परेशानी नहीं है। खाने और सोने की पूरी व्यवस्था है, और ठंड से बचने के लिए यहां हीटर भी है। मुख्यमंत्री ने सभी से उनके यहां रुकने की वजह पूछी। बताया गया कि ज्यादातर राहगीर आगे के सफर के लिए यहां रात बिताने रुके हैं।

निरीक्षण के दौरान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रैन बसेरे में विश्राम के लिए आए सुबोध जोसेफ के पास पहुंचे। उनसे बात करने पर सुबोध ने बताया कि उसकी कमर में दर्द है। इलाज की जरूरत है। इस पर उन्होंने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त भोपाल को सुबोध का समुचित इलाज कराने और उसकी हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रैन बसेरे में उपस्थित सभी राहगीरों को अपने हाथों से गर्मागर्म चाय पिलाई और सभी को कंबल भी प्रदान किए। उन्होंने शहर के सभी रैन बसेरों और आश्रय गृहों में बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं करने के निर्देश कलेक्टर और निगमायुक्त को दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्रामकर्ताओं से कहा कि सरकार गरीबों, जरूरतमंदों और महिलाओं के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठा रही है। किसी भी गरीब को सरकार की योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। तेज सर्दी के इस मौसम में कंबल वितरण से जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली।

मुख्यमंत्री ने स्वयं राहगीरों से संवाद किया और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के वंचित वर्गों के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। सरकार किसी भी व्यक्ति को बेसहारा नहीं रहने देगी। गरीब कल्याण मिशन के तहत समाज के कमजोर तबकों को समर्थ बनाने के लिए हम हर कदम उठा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के हर व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। ठंड के मौसम में किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है।

उन्होंने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सभी जरूरतमंदों को कंबल एवं गर्म कपड़े देकर सर्दी से जितना अधिक हो सके, बचने की अपील की। गरीबों, जरूरतमंदों, बेसहारा और राहगीरों ने मुख्यमंत्री की इस आत्मीयता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

इस दौरान भोपाल की महापौर मालती राय, जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन, क्षेत्रीय पार्षद सहित जनप्रतिनिधि एवं जिलाधिकारी भी उपस्थित थे।

Point of View

बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी भेजता है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

मुख्यमंत्री ने रैन बसेरे का निरीक्षण कब किया?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रैन बसेरे का निरीक्षण 4 जनवरी को किया।
मुख्यमंत्री ने वहां क्या किया?
मुख्यमंत्री ने वहां गरीबों और जरूरतमंदों से बातचीत की और उन्हें गर्म कंबल तथा चाय वितरित की।
रैन बसेरे में क्या सुविधाएं थी?
रैन बसेरे में खाने, सोने की व्यवस्था और ठंड से बचने के लिए हीटर की व्यवस्था थी।
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