क्या हर कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना हो रही है?

सारांश
Key Takeaways
- हर कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना होगी।
- खिलाड़ियों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित होंगे।
- पूर्व ओलंपियन कोच बनने का मौका मिलेगा।
- हर ग्राम पंचायत में खेल का मैदान बनेगा।
- युवाओं को स्पोर्ट्स किट प्रदान की जाएगी।
लखनऊ, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हर खिलाड़ी समाज के लिए एक हीरो होता है। हर नागरिक को एक खिलाड़ी की भांति अपने राष्ट्र के प्रति समर्पित रहकर आगे बढ़ना चाहिए, खेल के अनुशासन को बनाए रखना और जीवन में उत्कृष्टता के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले उत्तर प्रदेश के 88 खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि प्रदान की और सहायक खेल प्रशिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। समारोह में खेल मंत्री ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र पहनाकर और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्व ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों के साथ नेशनल गेम्स में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों का सम्मान किया। इस मौके पर उन्होंने विभिन्न जनपदों में खेल अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण का लोकार्पण भी किया।
सीएम योगी ने कहा कि जब मेजर ध्यानचंद का नाम आता है, तो हर भारतीय के मन में हॉकी की स्टिक का चित्र उभर आता है। 1928, 1932 और 1936 के तीन ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाकर उन्होंने भारत की हॉकी को वैश्विक पहचान दिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का सबसे प्रतिष्ठित खेल रत्न पुरस्कार मेजर ध्यानचंद के नाम पर समर्पित किया गया है, जो उत्तर प्रदेश के लिए गौरव की बात है क्योंकि यह उनकी जन्मभूमि है। उनकी स्मृति में मेरठ में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का नामकरण मेजर ध्यानचंद के नाम पर किया गया है और इस सत्र से वहाँ पाठ्यक्रम प्रारंभ हो गया है।
मुख्यमंत्री ने विजयंत खंड स्थित मोहम्मद शाहिद हॉकी स्टेडियम में स्पोर्ट्स हॉस्टल बनाम स्पोर्ट्स कॉलेज के बीच एक रोमांचक हॉकी मैच का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इस खेल में कितनी ऊर्जा और टीमवर्क की आवश्यकता होती है, यह मैच इसका अद्भुत उदाहरण है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया से लेकर फिट इंडिया मूवमेंट तक, सांसद एवं विधायक स्तर की प्रतियोगिताओं के माध्यम से खेलों में एक नई क्रांति आई है। प्रदेश सरकार ने नई खेल नीति लागू की है, जिससे खिलाड़ियों को मंच, कोच और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हो रहा है।
सीएम योगी ने बताया कि हर कमिश्नरी में एक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है। इन कॉलेजों में विभिन्न खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे। पूर्व ओलंपियन/कॉमनवेल्थ/एशियाड/नेशनल गेम्स मेडलिस्टों को कोच बनाकर नई प्रतिभाओं को तराशा जाएगा। हर ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, हर विकासखंड पर मिनी स्टेडियम और हर जनपद में एक स्टेडियम निर्माण की प्रक्रिया तेजी से जारी है। ओपन जिम के निर्माण और युवा कल्याण विभाग के माध्यम से युवक मंगल दल और महिला मंगल दल को स्पोर्ट्स किट प्रदान की जा रही हैं।