मुकुल रॉय के निधन पर टीएमसी में शोक: ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने जताया दुख
सारांश
Key Takeaways
- मुकुल रॉय का निधन टीएमसी के लिए एक बड़ा नुकसान है।
- सीएम ममता बनर्जी ने उनके योगदान को सराहा।
- अभिषेक बनर्जी ने इसे बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक युग का अंत बताया।
- रॉय ने तृणमूल कांग्रेस के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- उनकी याद हमेशा बनी रहेगी।
कोलकाता, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ मुकुल रॉय के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मुकुल रॉय के अचानक निधन से मैं अति स्तब्ध और दुखी हूं। वे मेरे लंबे समय के राजनीतिक साथी और कई संघर्षों में मेरे सहयोगी रहे। उनके निधन की खबर से मुझे गहरी पीड़ा हुई है।" ममता ने कहा कि मुकुल रॉय ने तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के समय से ही पार्टी को समर्पित किया था।
सीएम ने आगे लिखा कि मुकुल रॉय ने केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया और पार्टी के सभी स्तरों पर उन्हें व्यापक मान्यता प्राप्त थी। बाद में, उन्होंने एक नया रास्ता चुना और राजनीति में पुनः लौट आए। बंगाल की राजनीति में उनके योगदान और संगठनात्मक क्षमता को भुलाया नहीं जा सकता। राजनीतिक क्षेत्र में उनकी अनुपस्थिति को गहराई से अनुभव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं इस अनुभवी नेता के परिवार और उनके समर्थकों के प्रति अपनी संवेदनाएं भेजती हूं। शुभ्रांशु रॉय को मैं कहना चाहती हूं कि इस कठिन समय में हम आपके साथ हैं।
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी मुकुल रॉय के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मुकुल रॉय के निधन के साथ बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक युग समाप्त हो गया है। वे एक अनुभवी नेता थे जिनका व्यापक अनुभव था। उनके योगदान ने राज्य की सार्वजनिक और राजनीतिक यात्रा के एक महत्वपूर्ण चरण को आकार दिया।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक स्तंभों में से एक होने के नाते, उन्होंने संगठन के प्रारंभिक वर्षों में विस्तार और मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके सार्वजनिक जीवन के प्रति समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। मैं उनके परिवार, दोस्तों और समर्थकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।