मुंबई एयरपोर्ट पर ₹11.25 करोड़ की 2.25 किलो कोकीन जब्त, चार विदेशी नागरिक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की मुंबई जोनल यूनिट ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मई 2026 में दो अलग-अलग ऑपरेशनों में 2.25 किलोग्राम कोकीन जब्त की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाज़ार में अनुमानित कीमत ₹11.25 करोड़ बताई जा रही है। इस कार्रवाई में चार विदेशी नागरिकों — दो पुरुष और दो महिलाएँ — को गिरफ्तार किया गया है। दोनों मामलों में आरोपियों ने नशीले पदार्थ कैप्सूल के रूप में निगलकर तस्करी करने की कोशिश की थी।
पहला ऑपरेशन: 19 मई 2026
19 मई 2026 को DRI की टीम ने अदीस अबाबा (इथियोपिया) से आई उड़ान के दो यात्रियों — एक अफ्रीकी पुरुष और एक अफ्रीकी महिला — को संदेह के आधार पर रोका। पूछताछ के दौरान दोनों ने कोकीन के कैप्सूल निगलने की बात स्वीकार की। उन्हें तत्काल नज़दीकी सरकारी अस्पताल भेजा गया, जहाँ मेडिकल प्रक्रिया के बाद उनके शरीर से 63 कैप्सूल निकाले गए। इन कैप्सूलों में 850 ग्राम कोकीन थी, जिसकी अनुमानित कीमत ₹4.25 करोड़ आँकी गई है।
दूसरा ऑपरेशन: 22 मई 2026
22 मई 2026 को खुफिया जानकारी के आधार पर DRI ने फिर से अदीस अबाबा से आए दो यात्रियों — एक पुरुष और एक महिला — को एयरपोर्ट पर रोका। पूछताछ में दोनों ने कैप्सूल निगलने की बात कबूल की। अस्पताल में जाँच के बाद उनके शरीर से 84 कैप्सूल बरामद किए गए, जिनमें 1.40 किलोग्राम कोकीन थी। इसकी अनुमानित कीमत ₹7 करोड़ बताई जा रही है।
कानूनी कार्रवाई और जाँच
DRI अधिकारियों ने सभी चारों आरोपियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है। मुंबई पुलिस और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने DRI को पूर्ण सहयोग दिया। दोनों मामलों में जाँच जारी है — एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि यह कोकीन किस स्रोत से आई और इसका नेटवर्क भारत में कहाँ-कहाँ तक फैला हुआ है।
अफ्रीकी रूट पर बढ़ी निगरानी
DRI मुंबई जोनल यूनिट के प्रमुख ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्टों के ज़रिए ड्रग्स तस्करी की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, खासकर अफ्रीकी देशों से आने वाली उड़ानों पर खुफिया तंत्र को और मज़बूत किया गया है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में मुंबई एयरपोर्ट पर ऐसी कई सफल बरामदगी हुई है, जो इस रूट पर बढ़ती तस्करी गतिविधि का संकेत देती है।
आगे क्या
अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों बरामदगियों से बड़ी मात्रा में कोकीन को घरेलू बाज़ार तक पहुँचने से रोका गया है। जाँच एजेंसियाँ आरोपियों के संपर्क सूत्रों और भारत में संभावित वितरण नेटवर्क का पता लगाने में लगी हैं। इस मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।