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मुंबई: मोहर्रम जुलूस में संदिग्ध टैबलेट बांटने वाला गिरफ्तार, एक व्यक्ति बीमार पड़ा

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मुंबई: मोहर्रम जुलूस में संदिग्ध टैबलेट बांटने वाला गिरफ्तार, एक व्यक्ति बीमार पड़ा

सारांश

मुंबई के भायखला में अशूरा जुलूस के दौरान एक व्यक्ति बिना पर्ची के टैबलेट बांट रहा था — एक व्यक्ति के बीमार पड़ते ही पुलिस हरकत में आई। आरोपी का दावा है कि दवाएँ सामान्य पेनकिलर थीं, लेकिन रासायनिक जाँच के बाद ही असली तस्वीर सामने आएगी।

मुख्य बातें

भायखला , मुंबई में 27 जून को अशूरा के मोहर्रम जुलूस के दौरान एक व्यक्ति ने बिना पर्ची के टैबलेट बांटे।
टैबलेट खाने के बाद एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ी — उल्टी और बेचैनी की शिकायत हुई; अब हालत स्थिर।
भायखला पुलिस ने मौके पर पहुँचकर संदिग्ध को हिरासत में लिया और टैबलेट का वितरण रोका।
आरोपी ने दावा किया कि टैबलेट सामान्य पेनकिलर थीं, पर पुलिस ने यह दावा अभी स्वीकार नहीं किया है।
भायखला पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज; टैबलेट की रासायनिक जाँच जारी है।

मुंबई के भायखला इलाके में शुक्रवार, 27 जून को अशूरा के मोहर्रम जुलूस के दौरान बिना चिकित्सकीय पर्ची के लोगों को संदिग्ध टैबलेट बांटने के आरोप में भायखला पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब टैबलेट का सेवन करने वाले एक व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे उल्टी व बेचैनी की शिकायत हुई।

घटनाक्रम: कैसे सामने आया मामला

रे रोड स्थित भायखला क्षेत्र में आयोजित जुलूस के बीच आरोपी भीड़ में कैप्सूल और टैबलेट वितरित कर रहा था। पुलिस के अनुसार, इन दवाओं के साथ कोई चिकित्सकीय पर्ची या अधिकृत दस्तावेज नहीं था। जैसे ही एक व्यक्ति की हालत बिगड़ी, मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया।

सूचना मिलते ही भायखला पुलिस मौके पर पहुँची और संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। साथ ही टैबलेट का आगे वितरण तत्काल रोक दिया गया।

आरोपी का दावा, पुलिस की जाँच जारी

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह जो टैबलेट बांट रहा था, वे सामान्य दर्द निवारक (पेनकिलर) दवाएँ थीं। हालाँकि, पुलिस ने इस दावे को अंतिम रूप से स्वीकार नहीं किया है। टैबलेट की वास्तविक प्रकृति जानने के लिए विधिवत रासायनिक जाँच कराई जा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक आयोजनों में अज्ञात पदार्थों के वितरण को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से सतर्क हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि टैबलेट कहाँ से लाई गई थीं और उन्हें बांटने के पीछे क्या उद्देश्य था।

पीड़ित की स्थिति

टैबलेट सेवन के बाद बीमार पड़े व्यक्ति को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। पुलिस के अनुसार, फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।

कानूनी कार्रवाई

पीड़ित की शिकायत के आधार पर भायखला पुलिस स्टेशन में औपचारिक मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जाँच में किसी प्रकार की आपराधिक मंशा या औषधि नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि सार्वजनिक स्थल पर बिना लाइसेंस के दवाएँ वितरित करना औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध हो सकता है। जाँच के नतीजे यह तय करेंगे कि यह मामला लापरवाही थी या कुछ और।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो भी बिना लाइसेंस के भीड़ में दवाएँ बांटना गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम है — और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की धीमी रफ्तार भविष्य में इसे प्रोत्साहित कर सकती है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई के मोहर्रम जुलूस में क्या हुआ?
27 जून को भायखला, मुंबई में अशूरा के जुलूस के दौरान एक व्यक्ति बिना चिकित्सकीय पर्ची के लोगों को टैबलेट और कैप्सूल बांट रहा था। टैबलेट खाने के बाद एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लिया।
हिरासत में लिए गए व्यक्ति पर क्या आरोप है?
आरोपी पर बिना अधिकृत पर्ची के सार्वजनिक स्थल पर दवाएँ वितरित करने का आरोप है। भायखला पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और जाँच में आपराधिक मंशा साबित होने पर संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
टैबलेट खाने के बाद बीमार पड़े व्यक्ति की स्थिति कैसी है?
पुलिस के अनुसार, बीमार व्यक्ति को तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई और फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
क्या यह साबित हो गया कि टैबलेट हानिकारक थीं?
अभी नहीं। आरोपी ने दावा किया है कि ये सामान्य दर्द निवारक दवाएँ थीं, लेकिन पुलिस ने इस दावे को अंतिम रूप से स्वीकार नहीं किया है। टैबलेट की वास्तविक प्रकृति जानने के लिए रासायनिक जाँच कराई जा रही है।
सार्वजनिक स्थल पर बिना पर्ची के दवाएँ बांटना कितना गंभीर अपराध है?
भारत में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत बिना लाइसेंस के दवाएँ वितरित करना दंडनीय अपराध हो सकता है। इस मामले में जाँच के नतीजों के आधार पर आरोपी के खिलाफ कानूनी धाराएँ तय की जाएंगी।
राष्ट्र प्रेस
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