मुंबई: भिंडी बाजार परिवार की चार मौतों में 'संक्रमण' नहीं, एफएसएल टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट का इंतजार
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के भिंडी बाजार इलाके में 26 अप्रैल को एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमय मौत के मामले में जेजे अस्पताल की माइक्रोबायोलॉजी रिपोर्ट ने किसी भी प्रकार के जीवाणु संक्रमण या सूक्ष्मजीव की उपस्थिति से इनकार किया है। 7 मई को मुंबई पुलिस को सौंपी गई इस रिपोर्ट के बाद जांचकर्ता अब फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट पर पूरी तरह निर्भर हैं, जो यह तय करेगी कि मौतें किसी जहरीले पदार्थ या अन्य अज्ञात कारणों से हुई थीं या नहीं।
मृतकों की पहचान और घटनाक्रम
मृतकों की पहचान नसीरिन डोकाडिया (35 वर्ष), आयशा डोकाडिया (16 वर्ष), अब्दुल्ला डोकाडिया (44 वर्ष) और जैनब डोकाडिया (12 वर्ष) के रूप में हुई है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, 25-26 अप्रैल की रात तरबूज खाने के बाद सभी को उल्टी होने लगी और उनकी हालत तेज़ी से बिगड़ गई। 26 अप्रैल को चारों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी मृत्यु हो गई।
माइक्रोबायोलॉजी रिपोर्ट के निष्कर्ष
मुंबई पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतकों के पेट की सामग्री, रक्त के नमूनों और भोजन के अवशेषों की जाँच में किसी भी प्रकार के सूक्ष्मजीव या संक्रामक रोग की उपस्थिति नहीं पाई गई। जेजे अस्पताल की इस रिपोर्ट ने संक्रामक बीमारी की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिससे मामले का रहस्य और गहरा हो गया है। गौरतलब है कि संक्रमण की अनुपस्थिति ने यह सवाल और तीखा कर दिया है कि आखिर एक ही रात में एक ही परिवार के चार स्वस्थ लोग अचानक क्यों बीमार पड़े।
जांच की मौजूदा स्थिति
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक की जाँच में किसी भी आपराधिक साजिश या संदिग्ध गतिविधि का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। मुंबई पुलिस ने इस मामले से जुड़े 10 से अधिक व्यक्तियों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें शुरू में बीमार पड़े चारों लोगों का इलाज करने वाले स्थानीय डॉक्टर, तरबूज विक्रेता और पारिवारिक समारोह में मौजूद सभी लोग शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मौत का सटीक कारण अभी भी अज्ञात है और हर जाँच रिपोर्ट नए सवाल खड़े कर रही है।
एफएसएल रिपोर्ट क्यों है निर्णायक
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एफएसएल की टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि मौतें किसी जहरीले पदार्थ या अन्य बाहरी कारक के कारण हुईं या नहीं। मुंबई पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही इस अंतिम फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। जब तक यह रिपोर्ट नहीं आती, मामले में जाँच की दिशा तय नहीं हो सकती।