मुंबई पुलिस ने 440 पीड़ितों को लौटाया ₹3.26 करोड़ का सामान, अंधेरी में हुआ विशेष हैंडओवर कार्यक्रम
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई पुलिस ने 20 जून 2026 को अंधेरी (पूर्व) स्थित सेवन हिल्स हॉस्पिटल के ऑडिटोरियम में एक विशेष संपत्ति-वापसी कार्यक्रम के तहत 440 शिकायतकर्ताओं को ₹3,26,23,947 मूल्य का बरामद सामान सौंपा। वेस्ट जोन 3 के पुलिस उपायुक्त की अध्यक्षता में मारोल मारोशी रोड पर आयोजित यह कार्यक्रम शाम 4 बजे से 6 बजे तक चला और इसे पारदर्शिता तथा जनविश्वास बहाली की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।
बरामद सामान का विवरण
लौटाए गए सामान में 852 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण (₹1.35 करोड़), ₹10.75 लाख नकद राशि, 17 दोपहिया वाहन (₹21.95 लाख), 5 तिपहिया वाहन (₹5.95 लाख) और 3 चार-पहिया वाहन (₹37 लाख) शामिल रहे। इसके अलावा 371 मोबाइल फोन (₹40.65 लाख), साइबर धोखाधड़ी के मामलों में बरामद ₹10.89 लाख और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (₹63.96 लाख) भी पीड़ितों को वापस किए गए।
किन पुलिस स्टेशनों ने निभाई भूमिका
अंधेरी, एमआईडीसी, मेघवाड़ी, जोगेश्वरी, साकीनाका और पवई पुलिस स्टेशनों के अधिकारियों ने चोरी, धोखाधड़ी और साइबर अपराध की जाँच में जब्त संपत्ति का पता लगाकर उसे बरामद किया। कार्यक्रम का समन्वय क्षेत्र के सहायक कमिश्नरों और पुलिस इंस्पेक्टरों ने किया — जिनमें गजानन पवार (अंधेरी), उमेश मच्छिंदर (अंधेरी पुलिस स्टेशन), रवींद्र वाणी (एमआईडीसी), सुधाकर हुंबे (मेघवाड़ी), इकबाल शिकलगार (जोगेश्वरी), सपना क्षीरसागर (साकीनाका) और जितेंद्र सोनवणे (पवई) शामिल थे।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी
इस पूरे ऑपरेशन की देखरेख पुलिस कमिश्नर देवेन भारती, संयुक्त कमिश्नर (के एंड एस) डॉ. मनोज कुमार शर्मा, अतिरिक्त कमिश्नर (पश्चिमी क्षेत्रीय डिवीजन) डॉ. अभिनव देशमुख और उपायुक्त दत्ता नलवाड़े (जोन 10) ने की। वरिष्ठ अधिकारियों की इस सीधी संलिप्तता को इस अभियान की विश्वसनीयता का प्रमाण माना जा रहा है।
पीड़ितों की प्रतिक्रिया और पुलिस का संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित शिकायतकर्ताओं ने बृहन्मुंबई पुलिस के प्रयासों की सराहना की और सामान वापस मिलने पर आभार जताया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस हैंडओवर कार्यक्रम का उद्देश्य बरामद संपत्ति को कुशलता और पारदर्शिता के साथ लौटाकर आम जनता का भरोसा मज़बूत करना था। साथ ही, अधिकारियों ने चोरी, धोखाधड़ी और साइबर अपराधों की जाँच जारी रखने के अपने संकल्प को भी दोहराया। यह कार्यक्रम शहर में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच पुलिस की सक्रियता का एक ठोस उदाहरण बनकर उभरा है।