6 अगस्त 2026
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मुंबई पुलिस ने 440 पीड़ितों को लौटाया ₹3.26 करोड़ का सामान, अंधेरी में हुआ विशेष हैंडओवर कार्यक्रम

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मुंबई पुलिस ने 440 पीड़ितों को लौटाया ₹3.26 करोड़ का सामान, अंधेरी में हुआ विशेष हैंडओवर कार्यक्रम

सारांश

मुंबई पुलिस ने एक ही कार्यक्रम में 440 पीड़ितों को ₹3.26 करोड़ का सामान लौटाया — गहनों से लेकर वाहन और मोबाइल तक। साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच यह पारदर्शी हैंडओवर अभियान बृहन्मुंबई पुलिस की जवाबदेही की मिसाल बना।

मुख्य बातें

मुंबई पुलिस ने 20 जून 2026 को अंधेरी (पूर्व) में 440 शिकायतकर्ताओं को ₹3,26,23,947 मूल्य का बरामद सामान सौंपा।
लौटाए गए सामान में 852 ग्राम सोने-चांदी के गहने ( ₹1.35 करोड़ ), 371 मोबाइल फोन , 3 चार-पहिया और 17 दोपहिया वाहन शामिल।
साइबर धोखाधड़ी के मामलों में बरामद ₹10.89 लाख भी पीड़ितों को लौटाए गए।
अंधेरी, एमआईडीसी, मेघवाड़ी, जोगेश्वरी, साकीनाका और पवई — छह पुलिस स्टेशनों के अधिकारियों ने मिलकर यह अभियान चलाया।
ऑपरेशन की निगरानी पुलिस कमिश्नर देवेन भारती और वरिष्ठ अधिकारियों ने की।

मुंबई पुलिस ने 20 जून 2026 को अंधेरी (पूर्व) स्थित सेवन हिल्स हॉस्पिटल के ऑडिटोरियम में एक विशेष संपत्ति-वापसी कार्यक्रम के तहत 440 शिकायतकर्ताओं को ₹3,26,23,947 मूल्य का बरामद सामान सौंपा। वेस्ट जोन 3 के पुलिस उपायुक्त की अध्यक्षता में मारोल मारोशी रोड पर आयोजित यह कार्यक्रम शाम 4 बजे से 6 बजे तक चला और इसे पारदर्शिता तथा जनविश्वास बहाली की दिशा में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।

बरामद सामान का विवरण

लौटाए गए सामान में 852 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण (₹1.35 करोड़), ₹10.75 लाख नकद राशि, 17 दोपहिया वाहन (₹21.95 लाख), 5 तिपहिया वाहन (₹5.95 लाख) और 3 चार-पहिया वाहन (₹37 लाख) शामिल रहे। इसके अलावा 371 मोबाइल फोन (₹40.65 लाख), साइबर धोखाधड़ी के मामलों में बरामद ₹10.89 लाख और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (₹63.96 लाख) भी पीड़ितों को वापस किए गए।

किन पुलिस स्टेशनों ने निभाई भूमिका

अंधेरी, एमआईडीसी, मेघवाड़ी, जोगेश्वरी, साकीनाका और पवई पुलिस स्टेशनों के अधिकारियों ने चोरी, धोखाधड़ी और साइबर अपराध की जाँच में जब्त संपत्ति का पता लगाकर उसे बरामद किया। कार्यक्रम का समन्वय क्षेत्र के सहायक कमिश्नरों और पुलिस इंस्पेक्टरों ने किया — जिनमें गजानन पवार (अंधेरी), उमेश मच्छिंदर (अंधेरी पुलिस स्टेशन), रवींद्र वाणी (एमआईडीसी), सुधाकर हुंबे (मेघवाड़ी), इकबाल शिकलगार (जोगेश्वरी), सपना क्षीरसागर (साकीनाका) और जितेंद्र सोनवणे (पवई) शामिल थे।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी

इस पूरे ऑपरेशन की देखरेख पुलिस कमिश्नर देवेन भारती, संयुक्त कमिश्नर (के एंड एस) डॉ. मनोज कुमार शर्मा, अतिरिक्त कमिश्नर (पश्चिमी क्षेत्रीय डिवीजन) डॉ. अभिनव देशमुख और उपायुक्त दत्ता नलवाड़े (जोन 10) ने की। वरिष्ठ अधिकारियों की इस सीधी संलिप्तता को इस अभियान की विश्वसनीयता का प्रमाण माना जा रहा है।

पीड़ितों की प्रतिक्रिया और पुलिस का संकल्प

कार्यक्रम में उपस्थित शिकायतकर्ताओं ने बृहन्मुंबई पुलिस के प्रयासों की सराहना की और सामान वापस मिलने पर आभार जताया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस हैंडओवर कार्यक्रम का उद्देश्य बरामद संपत्ति को कुशलता और पारदर्शिता के साथ लौटाकर आम जनता का भरोसा मज़बूत करना था। साथ ही, अधिकारियों ने चोरी, धोखाधड़ी और साइबर अपराधों की जाँच जारी रखने के अपने संकल्प को भी दोहराया। यह कार्यक्रम शहर में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच पुलिस की सक्रियता का एक ठोस उदाहरण बनकर उभरा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि साइबर अपराध और शहरी चोरी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस की जवाबदेही का एक दुर्लभ सार्वजनिक प्रदर्शन है। गौरतलब है कि बड़े शहरों में बरामद संपत्ति अक्सर वर्षों तक थानों में पड़ी रहती है और पीड़ितों तक नहीं पहुँचती — इस लिहाज़ से एकल कार्यक्रम में ₹3.26 करोड़ की वापसी उल्लेखनीय है। हालाँकि असली कसौटी यह होगी कि क्या यह एकबारगी आयोजन नहीं, बल्कि एक नियमित तंत्र बनता है जो साइबर पीड़ितों को त्वरित न्याय दिला सके।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई पुलिस ने 440 पीड़ितों को कितना और क्या सामान लौटाया?
मुंबई पुलिस ने 20 जून 2026 को अंधेरी (पूर्व) में आयोजित कार्यक्रम में 440 शिकायतकर्ताओं को कुल ₹3,26,23,947 मूल्य का सामान लौटाया। इसमें सोने-चांदी के गहने, वाहन, 371 मोबाइल फोन, नकद और साइबर धोखाधड़ी में बरामद राशि शामिल थी।
यह हैंडओवर कार्यक्रम कहाँ और कब हुआ?
यह कार्यक्रम 20 जून 2026 को मारोल मारोशी रोड स्थित सेवन हिल्स हॉस्पिटल के ऑडिटोरियम हॉल में शाम 4 बजे से 6 बजे तक आयोजित हुआ। इसका आयोजन वेस्ट जोन 3 के पुलिस उपायुक्त ने किया।
इस ऑपरेशन में कौन-से पुलिस स्टेशन शामिल थे?
अंधेरी, एमआईडीसी, मेघवाड़ी, जोगेश्वरी, साकीनाका और पवई पुलिस स्टेशनों के अधिकारियों ने चोरी, धोखाधड़ी और साइबर अपराध में जब्त संपत्ति की बरामदगी में भूमिका निभाई।
साइबर धोखाधड़ी के मामलों में कितनी राशि बरामद हुई?
साइबर धोखाधड़ी के मामलों में बरामद ₹10.89 लाख की राशि पीड़ितों को लौटाई गई। इसके अलावा ₹63.96 लाख के अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और ₹40.65 लाख के 371 मोबाइल फोन भी शामिल थे।
इस अभियान की निगरानी किन वरिष्ठ अधिकारियों ने की?
ऑपरेशन की देखरेख पुलिस कमिश्नर देवेन भारती, संयुक्त कमिश्नर डॉ. मनोज कुमार शर्मा, अतिरिक्त कमिश्नर डॉ. अभिनव देशमुख और उपायुक्त दत्ता नलवाड़े (जोन 10) ने की।
राष्ट्र प्रेस
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