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क्या मैसूर दशहरा में किसान दशहरा का भव्य उद्घाटन हुआ?

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क्या मैसूर दशहरा में किसान दशहरा का भव्य उद्घाटन हुआ?

सारांश

मैसूर दशहरा के अवसर पर किसान दशहरा का भव्य उद्घाटन हुआ, जिसमें नई कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। यह आयोजन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है और समाज को उनके प्रति एकजुट करने का संदेश देता है। जानें इस समारोह की खास बातें और किसानों के लिए इसकी अहमियत।

मुख्य बातें

किसान दशहरा का उद्घाटन एन चेलुवराय स्वामी द्वारा किया गया।
नई कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किसानों के लिए लाभकारी है।
इस समारोह में पारंपरिक नृत्य और प्रदर्शन शामिल थे।
किसानों के लिए आधुनिक मशीनों की जानकारी प्रदान की गई।
किसान और समाज के बीच संबंधों को मजबूत करने का प्रयास।

मैसूर, 26 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के कृषि मंत्री एन चेलुवराय स्वामी ने शुक्रवार को मैसूर दशहरा के अवसर पर आयोजित किसान दशहरा का भव्य उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमारे देश के किसान हमेशा से परंपराओं, संस्कृति और पुरानी रीति-रिवाजों को आगे बढ़ाते आए हैं और भविष्य में भी बढ़ाते रहेंगे। इस बार किसान दशहरा में किसानों को और अधिक अवसर प्रदान किए जाने चाहिए और समाज को उनके जीवन के साथ खड़ा रहना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि मैसूर दशहरा न केवल राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुका है, जो हमारे देश के लिए गर्व का विषय है।

पशुपालन एवं रेशम मंत्री के वेंकटेश ने अपने संबोधन में कहा कि किसान दशहरा में नई कृषि तकनीकों का समावेश होना बेहद खुशी की बात है। इससे लोगों को आधुनिक तकनीक के लाभ समझाने और उन्हें खेती में अपनाने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि कृषि लागत निरंतर बढ़ती जा रही है, ऐसे में आधुनिक तकनीक अपनाकर किसान लाभान्वित हो सकते हैं।

किसानों की यह शोभायात्रा पैलेस फोर्ट अंजनेय मैदान से निकलकर देवराज उर्स रोड होते हुए जेके ग्राउंड पहुंची। हजारों लोगों ने इस जुलूस में भाग लिया।

इस अवसर पर नंदी ध्वज, नगारी और टमटे वादन, वीरगासे, वीरभद्र नृत्य, तलवारबाज़ी, कंसाले नृत्य, चिलिपिली गोम्बे और नादस्वर पूजा नृत्य जैसे पारंपरिक प्रदर्शन हुए। साथ ही विभिन्न नस्लों के सांड, बछड़े, आंध्र प्रदेश की पुंगनूर नस्ल, होरी, हल्लिकर नस्ल, बंदूर भेड़ और बैलगाड़ी के बैल भी आकर्षण का केंद्र रहे।

शोभायात्रा में किसानों के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों और मशीनों का भी प्रदर्शन किया गया। इसमें फसल छिड़काव ड्रोन, धान रोपाई मशीन, आईपीसीओ नैनो यूरिया लिक्विड, स्वराज मशीन, किसान बुंदी, पावर इंटर कल्टीवेटर, वीडिंग मशीन, हाई-टेक हार्वेस्टर हब मल्टी-क्रॉप थ्रेशर, धान बेलर, गन्ना रोपाई मशीन, गन्ना कटाई मशीन और बागवानी विभाग की झांकी शामिल रही।

इस अवसर पर चामराज विधानसभा क्षेत्र के विधायक के. हरीश गौड़ा, चामुंडेश्वरी विद्युत निगम के अध्यक्ष रमेश बांडी सिद्धेगौड़ा, रैता दशहरा समिति के अध्यक्ष योगेश सहित कई किसान नेता और बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी लोग उपस्थित रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह हमें याद दिलाता है कि हमें किसानों के साथ खड़ा रहना चाहिए और उन्हें आधुनिक तकनीक के माध्यम से समर्थन प्रदान करना चाहिए। इस तरह के आयोजनों से हमारे देश की कृषि संस्कृति को बढ़ावा मिलता है और समाज में एकता का संदेश फैलता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किसान दशहरा का उद्देश्य क्या है?
किसान दशहरा का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से अवगत कराना और उनकी भूमिका को समाज में उजागर करना है।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन सी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया?
इस कार्यक्रम में फसल छिड़काव ड्रोन, धान रोपाई मशीन, और कई अन्य आधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन किया गया।
किसान दशहरा में कितने लोग शामिल हुए?
इस कार्यक्रम में हजारों लोगों ने भाग लिया, जिसमें किसान, नेता और स्थानीय लोग शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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