योगी के माफिया-जमीन ऐलान पर विपक्ष का पलटवार: 'नाम बदलने से काम नहीं बदलता'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा माफियाओं की ज़मीनों पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाने के बयान पर 16 अक्टूबर 2026 को विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) दोनों ने सरकार पर 'जुमलेबाजी' का आरोप लगाते हुए ज़मीनी हकीकत पर सवाल उठाए।
कांग्रेस का आरोप: गरीबों को दिए आवास फिर छीने गए
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि जिन गरीबों को आवास देने की बात की जाती है, उन्हीं के घर लखनऊ में छीने जा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से लखनऊ में चिड़ियाघर के पीछे स्थित उस ज़मीन का उल्लेख किया जिसे कथित तौर पर माफिया मुख्तार अंसारी की बताकर वहाँ बने आवास गरीबों को दिए गए और बाद में वापस ले लिए गए। राजपूत के अनुसार, 'वह ज़मीन जल निगम की निकली।' उन्होंने कहा, 'ये जुमलेबाजी नहीं, कानूनी काम करना चाहिए।'
नाम बदलने के मुद्दे पर कटाक्ष
'कसारी मसारी' का नाम बदलने को लेकर सीएम योगी के बयान और अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया के संदर्भ में सुरेंद्र राजपूत ने कहा, 'जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी। मुख्यमंत्री नाम बदलने के लिए ही जाने जाते हैं। नाम बदलने से काम बदल जाएं तो क्या ही बात है।' यह टिप्पणी योगी सरकार की उस नीति पर सीधा व्यंग्य है जिसके तहत उत्तर प्रदेश में कई स्थानों के नाम बदले गए हैं।
राहुल गांधी पर तंज और पलटवार
सीएम योगी की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कसे गए तंज पर सुरेंद्र राजपूत ने पलटवार करते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू के साथ स्वतंत्रता संग्राम में कई लोग जेल गए थे, लेकिन उनमें 'एक भी संघी जेल नहीं गया था।' उन्होंने कहा, 'भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) का एक भी नेता जेल नहीं गया था।' यह बयान ऐतिहासिक स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका पर कांग्रेस के पुराने रुख की पुनरावृत्ति है।
सपा का सीएम की भाषा पर एतराज़
समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आशुतोष वर्मा ने मुख्यमंत्री की भाषा-शैली पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री की भाषा शालीनता वाली होनी चाहिए, ऐसी जिससे युवा प्रेरणा लें। लेकिन हमारे मुख्यमंत्री की ओर से 'बम' की बातें की जाती हैं। कहते हैं मिट्टी में मिला देंगे — ये किस मुख्यमंत्री की भाषा होती है? ये भारत और प्रदेश का भविष्य नहीं हो सकते।' वर्मा ने यह भी कहा कि जिनका इतिहास नहीं होता, उन्हें दूसरों के इतिहास पर बात नहीं करनी चाहिए।
मंत्री पर सपा का पलटवार
यूपी सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह द्वारा अखिलेश यादव पर निशाना साधे जाने पर आशुतोष वर्मा ने तंज कसते हुए कहा, 'उन्हें पहले खुद विधायक बनने की सोचनी चाहिए। सपा की सरकार आ रही है, हम देख लेंगे।' यह बयान आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सपा के आत्मविश्वास का संकेत माना जा रहा है।
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में माफिया-विरोधी अभियान और नामकरण की राजनीति दोनों चर्चा के केंद्र में हैं। आने वाले दिनों में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच यह वाकयुद्ध और तेज़ होने के आसार हैं।