क्या नामांतरण के वादों का ऑटो मोड पर निस्तारण होगा, चकबंदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा?

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क्या नामांतरण के वादों का ऑटो मोड पर निस्तारण होगा, चकबंदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा?

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में नामांतरण और चकबंदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। क्या यह प्रणाली नागरिकों को समयबद्ध न्याय दिलाने में सहायक होगी? जानें इस लेख में।

Key Takeaways

  • राजस्व मामलों का निस्तारण मेरिट के आधार पर होना चाहिए।
  • चकबंदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर जोर।
  • नामांतरण का निस्तारण ऑटो मोड पर किया जाएगा।
  • भू-अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा।
  • जनता की समस्याओं के समाधान के लिए कॉल सेंटर की स्थापना होगी।

लखनऊ, २ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्‍तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजस्व विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने कई बुनियादी निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में राजस्व से संबंधित सभी मामलों का निपटारा मेरिट के आधार पर होना चाहिए, चाहे वह पैमाईश, नामांतरण या आबादी की रिकॉर्डिंग से संबंधित हो।

उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग को लंबित मामलों की जवाबदेही तय करते हुए इन्हें निश्चित समय सीमा में निस्तारित करना चाहिए। इसके साथ ही, सभी जनपदों में रोवर आधारित पैमाइश प्रणाली लागू करने के लिए भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी ने नामांतरण और वरासत के मामलों के लिए एक ऐसी प्रणाली विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे ये कार्य ऑटोमोड पर किए जा सकें।

सीएम ने कहा कि यह नागरिकों को सुगम और समयबद्ध न्याय देने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा, उन्होंने चकबंदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और नक्शा तथा रोवर आधारित पैमाइश प्रणाली के कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उनके अनुसार, सभी जिलों में रोवर की खरीद, प्रशिक्षण और प्रक्रिया को धरातल पर लागू करने के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया जाना चाहिए। जनपदों में रोवर आधारित पैमाइश पूरी करने के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई का सहयोग भी लिया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि सभी कार्यों की प्रगति में तेजी लाई जाए और उन्हें शत प्रतिशत पूर्ण करने पर ध्यान केंद्रित किया जाए। उन्होंने भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि आम जनता को इसका लाभ मिल सके। धारा ८० के अंतर्गत भू-उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए।

उन्होंने सुझाव दिया कि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए राजस्व परिषद के स्तर पर एक कॉल सेंटर जैसी प्रणाली विकसित की जाए। सीएम ने चकबंदी प्रक्रिया में तकनीक के उपयोग और व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान रजिस्ट्री, पैमाइश और खसरा पड़ताल से जुड़े सभी लंबित मामलों का समाधान निर्धारित समय सीमा में अनिवार्य रूप से किया जाए। साथ ही, आय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र और निवास प्रमाणपत्र जैसी सरकारी सेवाओं को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए।

इसके अलावा, प्रदेश में शीतलहर को देखते हुए रैन बसेरों में व्यवस्थाओं का सुचारू प्रबंधन, सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की व्यवस्था और कंबल वितरण को लेकर राजस्व विभाग को कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सभी कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। उन्होंने ग्राम पंचायतों में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों और स्मारकों की सुरक्षा के लिए समाज कल्याण विभाग के सहयोग से बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य भी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री योगी ने लेखपालों को पंचायत भवनों में अपना कार्यालय स्थापित कर जनसमस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए।

Point of View

बल्कि यह नागरिकों के लिए पारदर्शिता और समयबद्धता लाने का भी प्रयास है। ऐसे कदमों से जनता का विश्वास बढ़ता है और सरकार की जिम्मेदारी को भी दर्शाता है।
NationPress
02/01/2026

Frequently Asked Questions

मुख्यमंत्री योगी ने राजस्व विभाग को क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री योगी ने सभी लंबित मामलों का निस्तारण मेरिट के आधार पर करने और चकबंदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए।
क्या नामांतरण का निस्तारण ऑटो मोड पर होगा?
जी हाँ, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नामांतरण और वरासत के मामलों का निस्तारण ऑटोमोड पर किया जाए।
राजस्व विभाग की अन्य महत्वपूर्ण योजनाएँ क्या हैं?
भू-अभिलेखों का डिजिटलीकरण, कॉल सेंटर जैसी प्रणाली का निर्माण और सरकारी सेवाओं को प्रभावी बनाना शामिल हैं।
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