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जेपी नड्डा ने विपक्ष पर लगाया काम न करने का आरोप, राज्यसभा में हंगामा

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जेपी नड्डा ने विपक्ष पर लगाया काम न करने का आरोप, राज्यसभा में हंगामा

सारांश

राज्यसभा की कार्यवाही में हंगामे के बीच जेपी नड्डा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे सदन में सार्थक बहस से बच रहे हैं। ममता बनर्जी पर भी नड्डा ने कड़े शब्दों में हमला किया। जानिए इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी!

मुख्य बातें

राज्यसभा में हंगामा और विपक्ष का वॉकआउट जेपी नड्डा का विपक्ष पर आरोप ममता बनर्जी पर आरोप-प्रत्यारोप एसआईआर की प्रक्रिया की जानकारी विपक्ष की चिंताओं का उल्लेख

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार को काफी हंगामेदार रही, जब विपक्षी सदस्यों ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर प्रदर्शन करते हुए वॉकआउट किया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष पर सदन में काम न करने का आरोप लगाया।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष के इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए उन पर जानबूझकर सार्थक बहस से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग जानबूझकर सदन का माहौल खराब कर रहे हैं ताकि जनता की समस्याएँ हल न हो सकें।

जेपी नड्डा ने कहा, "विपक्ष सदन में वास्तविक चर्चा नहीं चाहता। चुनावी सुधारों पर पहले ही विस्तृत बहस हो चुकी है, जिसमें सभी सदस्यों को पर्याप्त समय दिया गया था। इसके बावजूद विपक्ष ने एसआईआर मुद्दे को बार-बार उठाना जारी रखा है। मंगलवार को एक बार फिर से विपक्ष बातचीत बंद करके चला गया है और बातचीत में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।"

उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि कानून और न्यायतंत्र की कोई इज्जत नहीं रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार के अंडर पश्चिम बंगाल ऐसा राज्य बन गया है जहां कानून का राज खत्म हो गया है। टीएमसी लोकतांत्रिक तरीकों की कोई इज्जत नहीं करती और वे न्यायपालिका को भी धमकाते हैं।

जेपी नड्डा ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की बेइज्जती की, जो खुद जनजातीय समुदाय से आती हैं। बंगाल में जो कुछ हो रहा है, वह सही नहीं है। राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल का ध्यान नहीं रखा जा रहा है, इससे राज्य की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि ईसीआई द्वारा 2025 के अंत में घोषित एसआईआर में मतदाता विवरणों का गहन सत्यापन करने की प्रक्रिया शामिल है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल पात्र नागरिक ही मतदाता सूची में रहें और इसमें डुप्लिकेट प्रविष्टियों, मृत मतदाताओं और गैर-नागरिकों के संभावित समावेश को सुलझाया जा सके।

वहीं, विपक्षी दलों ने वास्तविक मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने की संभावना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से उन राज्यों में जो 2026 के चुनावों की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें परेशानी हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वो लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गंभीरता को चुनौती देता है। इस पर विचार आवश्यक है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यसभा में हंगामे का कारण क्या था?
राज्यसभा में हंगामे का कारण वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष का वॉकआउट था।
जेपी नड्डा ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
जेपी नड्डा ने विपक्ष पर सदन में काम न करने और सार्थक बहस से बचने का आरोप लगाया।
ममता बनर्जी पर जेपी नड्डा ने कौन सा आरोप लगाया?
जेपी नड्डा ने ममता बनर्जी पर कानून और न्यायपालिका का अपमान करने का आरोप लगाया।
क्या विपक्ष ने अपनी चिंताओं को सही ठहराया?
विपक्ष ने वास्तविक मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने की चिंता जताई, विशेष रूप से उन राज्यों में जो आगामी चुनावों की तैयारी कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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