नरहरि जिरवाल का विवादास्पद वीडियो: एनसीपी के लिए एक नई चुनौती
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एनसीपी के आदिवासी नेता और महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री, नरहरि जिरवाल एक ऐसे संकट में फंस गए हैं, जब उनका एक विवादास्पद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। इस वीडियो में एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति के साथ उनकी उपस्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। यह केवल जिरवाल के लिए ही नहीं, बल्कि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के लिए भी एक महत्वपूर्ण चुनौती है, क्योंकि पार्टी पहले से ही विभिन्न विवादों में फंसी हुई है।
इस वायरल वीडियो ने विपक्षी दलों द्वारा तीखी आलोचना को जन्म दिया है। उनकी मांग है कि जिरवाल तुरंत इस्तीफा दें।
अभी तक, इस संदर्भ में मंत्री जिरवाल की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। एनसीपी भी इस शर्मनाक वीडियो पर चुप्पी साधे हुए है।
जिरवाल, जो नासिक जिले के डिंडोरी निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं, का कहना है कि यह वीडियो लगभग सात महीने पुराना है। इस विवाद के चलते, जिरवाल एनसीपी के चौथे नेता बन गए हैं, जिन्हें हाल के महीनों में ऐसे संकटों का सामना करना पड़ा है। इससे पहले, धनंजय मुंडे और माणिकराव कोकाटे जैसे नेताओं को भी इसी प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ा था।
हालांकि एनसीपी नेतृत्व ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही है कि जिरवाल के खिलाफ कुछ कार्रवाई हो सकती है।
यदि ऐसा होता है, तो जिरवाल एनसीपी के तीसरे मंत्री बन जाएंगे, जिन्होंने अपना पद गंवाया। अब सभी की नजरें उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर टिकी हुई हैं।
हाल ही में, मुंबई के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग के एक क्लर्क को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। उस क्लर्क पर आरोप था कि उसने एक केमिस्ट के लाइसेंस को बहाल करने के लिए पैसे मांगे थे।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जाल बिछाकर जिरवाल के कार्यालय के भीतर कार्रवाई की, जिसमें दो लोग गिरफ्तार हुए। इस घटना ने जिरवाल की छवि को और भी नुकसान पहुँचाया।
इससे पहले, धनंजय मुंडे ने बीड के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के आरोपियों के साथ कथित रिश्तों के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। माणिकराव कोकाटे को जाली दस्तावेज बनाने के आरोप में कृषि मंत्री का पद गंवाना पड़ा था।
एनसीपी की नेता रूपाली चाकणकर ने भी विवादों के चलते अपने पद से इस्तीफा दिया। यह इस्तीफा तब आया जब उन पर एक स्वयंभू बाबा के साथ संबंधों के आरोप लगे थे।
इन सभी विवादों के बीच, एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के लिए इन संकटों का सामना करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार, इन विवादों को अजित पवार की पेश की गई 'साफ-सुथरी और कुशल' छवि के लिए खतरा माना जा रहा है। सुनेत्रा पवार को इन नेताओं को अनुशासित करना होगा, ताकि पार्टी की छवि को सुरक्षित रखा जा सके।